दिल्ली धमाके का आगरा लिंक और गहरा

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डॉ. परवेज के दोस्तों की पड़ताल में उतरी एटीएस, मेडिकल कॉलेज के चार साल खंगाले

आगरा। दिल्ली धमाके में लखनऊ से गिरफ्तार डॉ. परवेज अंसारी के आगरा कनेक्शन ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में एमडी करते समय किन लोगों के संपर्क में था, कौन उसके सबसे करीबी दोस्त थे, और चार साल के दौरान उसका सामाजिक दायरा कैसा था। अब एटीएस इन सभी पहलुओं की तह में जा रही है। बुधवार को एटीएस की टीम एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंची और डॉ. परवेज का पूरा रिकॉर्ड जांचा, जिसे कॉलेज प्रशासन पहले ही राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनज़र सीज कर चुका था। एजेंसी ने उसके बैचमैट्स, जूनियर्स, सीनियर्स और उन डॉक्टरों की विस्तृत सूची मांगी है, जिन्होंने उसके साथ सीनियर रेजिडेंट के रूप में काम किया था।

कौन थे परवेज के सबसे करीबी? एटीएस खंगालेगी पूरा सोशल सर्कल

सूत्रों के अनुसार एटीएस ने कॉलेज प्रशासन से डॉ. परवेज के एमडी बैचमैट्स, क्लासमेट्स, जूनियर रेजिडेंट्स और सीनियर रेजिडेंट के रूप में साथ काम करने वाले डॉक्टरों की नामवार सूची मांगी है। एजेंसी यह पता करेगी कि मेडिकल कॉलेज में रहते हुए वह किससे नियमित रूप से मिलता था, और किन-किन से आज भी संपर्क में था। एटीएस का मानना है कि आगरा में मौजूद उसके व्यक्तिगत संपर्क, उसके इरादों और गतिविधियों को समझने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसी कारण जल्द ही इन लोगों से संपर्क कर पूछताछ शुरू की जा सकती है।

कॉलेज रिकॉर्ड सीज, एटीएस ने घंटों खंगाले दस्तावेज

एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, परवेज ने 21 मई 2012 को एमडी (मेडिसिन) में प्रवेश लिया था। इसके बाद उसने कॉलेज में छह महीने सीनियर रेजिडेंट के रूप में काम किया। लेकिन इस दौरान बिना किसी स्पष्ट कारण के उसने अचानक इस्तीफा दे दिया था। जांच एजेंसियों के संदेह का केंद्र यही बिंदु है—आखिर उसने एमडी पूरी करने के बाद ऐसा फ़ैसला क्यों लिया? और इस्तीफा देने के बाद वह किससे मिला, कहाँ गया, और किन गतिविधियों में शामिल रहा?

एटीएस की नजर—आगरा में उसके संपर्क में कौन-कौन था

जांच एजेंसियां इस बात की भी विस्तृत जांच कर रही हैं कि आगरा से उसके संपर्क में कितने लोग थे और वह किनसे आज भी फोन, सोशल मीडिया या व्यक्तिगत मुलाकातों के ज़रिए जुड़ा हुआ था। सूत्र बताते हैं कि एजेंसी आगरा में रहने वाले उन नामों की पहचान कर रही है जिनसे परवेज का लगातार संपर्क रहा। इन सभी के बयान और मोबाइल रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लाए जा सकते हैं।

पूरे दिन चर्चा—कभी भी पहुंच सकती हैं जांच एजेंसियां

गुरुवार को एसएन मेडिकल कॉलेज में दिनभर एक ही चर्चा रही—“पूछताछ के लिए एटीएस, आईबी या दिल्ली-लखनऊ की अन्य जांच एजेंसियां कभी भी पहुंच सकती हैं।” हालांकि रात तक कोई भी एजेंसी कॉलेज नहीं पहुंची, लेकिन प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।

अचानक इस्तीफा—जांच का सबसे बड़ा सवाल

एटीएस के लिए सबसे अहम प्रश्न यह है कि परवेज ने अचानक सीनियर रेजिडेंट पद छोड़ने का निर्णय कैसे और क्यों लिया? क्या इसके पीछे कोई दबाव, योजना या किसी व्यक्ति का प्रभाव था? इसी कड़ी में एजेंसी उसके सहकर्मियों और सीनियर्स के बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है।

अगले चरण में कई डॉक्टरों से होगी पूछताछ

एटीएस की जांच के आगे बढ़ने के साथ यह लगभग तय माना जा रहा है कि—उसके बैचमैट्स, विभाग के डॉक्टर, जूनियर-सीनियर रेजिडेंट्स और उसके व्यक्तिगत मित्र से आने वाले दिनों में विस्तृत पूछताछ की जाएगी। जांच की दिशा स्पष्ट है—परवेज के आगरा प्रवास के चार साल उसके इरादों और नेटवर्क को समझने की कुंजी साबित हो सकते हैं।

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