विशेषज्ञों ने बढ़ते एंटीबायोटिक प्रतिरोध पर जताई गंभीर चिंता
आगरा लाईव न्यूज। विश्व एंटी-माइक्रोबियल जागरूकता सप्ताह के अवसर पर एस.एन. मेडिकल कॉलेज, आगरा में सोमवार को माइक्रोबायोलॉजी और फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से एक ज्ञानवर्धक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। “Act Now, Protect Our Present – Secure Our Future” थीम पर आधारित इस कार्यक्रम का शुभारंभ एल.टी.–2 सभागार में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. अंकुर गोयल ने एंटीबायोटिक के बढ़ते प्रतिरोध पैटर्न पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि अनियंत्रित और अत्यधिक एंटीबायोटिक उपयोग भविष्य में वैश्विक स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकता है। उन्होंने रोगियों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य संस्थानों को जिम्मेदारी के साथ दवाओं के प्रयोग की आवश्यकता पर बल दिया। संगोष्ठी में प्रोफेसर डॉ. अनुपम शर्मा ने ‘वर्ल्ड ऑफ विजडम अबाउट एंटीबायोटिक्स’ विषय पर रोशनी डालते हुए दवा विज्ञान से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को सामने रखा। डॉ. आरती अग्रवाल ने स्वागत भाषण के माध्यम से कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. प्रज्ञा शाक्य ने एंटीबायोटिक्स के सही उपयोग, दुष्प्रभावों और बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता पर विस्तृत जानकारी साझा की। माइक्रोबायोलॉजी और फार्माकोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी विभिन्न वैज्ञानिक विषयों पर अपने शोध और प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित प्रतिभागियों को जागरूक किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पारूल गर्ग ने किया तथा फ़ैलिसिटेशन का दायित्व डॉ. विकास कुमार ने निभाया।
संगोष्ठी में फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अल्का यादव, बायोकैमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. कामना सिंह, डॉ. अखिल प्रताप सिंह, डॉ. दिव्या श्रीवास्तव, डॉ. गीतू सिंह, डॉ. सपना गोयल और एफ.एच. मेडिकल कॉलेज से डॉ. गौरव सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक और शिक्षण–कर्मचारी मौजूद रहे। आई.एम.ए. आगरा ने भी इस आयोजन को अपना समर्थन प्रदान किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एंटी-माइक्रोबियल रेसिस्टेंस की बढ़ती समस्या को ध्यान में रखते हुए समाज, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच जागरूकता बढ़ाना तथा सुरक्षित स्वास्थ्य भविष्य के लिए एंटीबायोटिक दवाओं के जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित करना रहा।

