आगरा लाईव न्यूज। कमलानगर पुलिस, सर्विलांस और एसओजी (नगर जोन) की संयुक्त टीम ने शहर में सक्रिय हनीट्रैप और सेक्सटॉर्शन गिरोह का बड़ा भंडाफोड़ किया है। गिरोह में शामिल युवती अपने मीठे और मदमस्त बोल से शिकारों को जाल में फाँसती थी। मुलाकात के दौरान उन्हें नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर देती थी और उनके अश्लील व न्यूड वीडियो बनाती थी। बाद में इन्हीं वीडियो के आधार पर लाखों रुपये की वसूली की जाती थी। पुलिस ने गिरोह की महिला सदस्य और उसके सहयोगी गणेश को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह का संचालन करने वाले रियाज, प्रविन्द्र और पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रवेश भारद्वाज अब भी फरार हैं। इस बीच पुलिस ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए गिरोह को संरक्षण देने वाले सिपाही रियाल को भी गिरफ्तार किया है। रियाल कानपुर के रावतपुर थाने में तैनात था, जबकि 2023 तक वह आगरा के कई थानों में भी सेवाएं दे चुका है। पुलिस की जांच में यह साफ हुआ कि वही इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया से हाईप्रोफाइल लोगों का चयन कर युवती तक नंबर पहुंचाता था। इस गिरफ्तारी ने पूरे नेटवर्क की जड़ें हिला दी हैं।

🔶 एक शिकायत ने खोली पूरी कहानी : मिस्ड कॉल से लेकर धमकी तक
खुलासे की शुरुआत 01 दिसंबर को दर्ज कराई गई उस शिकायत से हुई, जिसमें एक युवक ने बताया कि उसे 06 सितंबर को एक अज्ञात नंबर से मिस्ड कॉल आई। कॉल बैक करने पर एक युवती से बातचीत शुरू हुई जो धीरे-धीरे घनिष्ठता में बदल गई। कुछ दिनों बाद युवती ने मिलने का प्रस्ताव रखा। मुलाकात के दौरान युवती ने युवक की ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया। कुछ समय बाद युवक को धमकी भरा कॉल आया कि उसके साथ बने वीडियो और फोटो के आधार पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। भारी रकम की मांग के चलते युवक ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
✦ दयालबाग रोड से हुई गिरफ्तारी, पेन ड्राइव से तीन पीड़ितों के वीडियो बरामद
02 दिसंबर को पुलिस टीम गश्त पर थी तभी सूचना मिली कि गिरोह की महिला सदस्य अपने साथी गणेश के साथ दयालबाग रोड पर मौजूद है। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक पेन ड्राइव बरामद हुई जिसमें तीन अलग-अलग व्यक्तियों के अश्लील वीडियो मिले। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने दो पीड़ितों से पहले ही 4 लाख और 12 लाख रुपये की वसूली की है।
⚫ ऑनलाइन गेम की लत और कर्ज ने बनाया अपराधी, फिर यूँ बना गिरोह
पूछताछ में युवती ने चौंकाने वाला खुलासा किया। वह मूल रूप से मैनपुरी की रहने वाली है और बाह में अपने मामा के घर रहती है। ऑनलाइन गेम की लत के कारण वह दो लाख रुपये हार चुकी थी। कर्ज चुकाने के दबाव में वह किसी भी काम को करने को तैयार थी। इसी दौरान उसकी पहचान प्रविन्द्र से हुई जिसने उसे रियाज से मिलवाया। रियाज खुद को कानपुर पुलिस में तैनात बताकर रौब झाड़ता था और युवती को ब्लैकमेलिंग के तरीके सिखाता था। युवती बातचीत में मीठे शब्दों से शिकार को फँसाती, मुलाकात तय करती, फिर होटल में नशीला पदार्थ देकर बेहोश करती और वीडियो बना लेती। पुलिस ने युवती के फोन में थर्ड आई ऐप भी पाया है, जो मोबाइल बंद होने पर भी वीडियो रिकॉर्ड करता है।
🔷 इंस्टाग्राम से खोजे जाते थे हाईप्रोफाइल शिकार, वीडियो के बाद लाखों की मांग
जांच के अनुसार सिपाही रियाल इंस्टाग्राम से हाईप्रोफाइल लड़कों और कारोबारियों की प्रोफाइल तलाशता था। उनके नंबर गिरोह तक पहुँचाता था। युवती मिस्ड कॉल कर उन्हें बातचीत में उलझाती, फिर संबंध बनाने का लालच देकर होटल बुलाती। वीडियो रिकॉर्ड होते ही शुरू होती थी ब्लैकमेलिंग। पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रवेश भारद्वाज मध्यस्थ बनकर राजनीतिक रुतबा दिखाता था और एक से पाँच लाख रुपये तक समझौता कराता था। वसूली गई रकम में 25 प्रतिशत हिस्सा युवती को मिलता था।
⭐ वायरल ऑडियो से बढ़ी सनसनी, कोल्ड स्टोरेज संचालक से सौदेबाजी की बातचीत उजागर
इस बीच गिरोह द्वारा फँसाए गए एक कोल्ड स्टोरेज संचालक का ऑडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वह पाँच लाख रुपये देने की बात कह रहा है। दूसरी ओर मध्यस्थ उससे और अधिक रकम मांगते सुनाई दे रहे हैं। इस ऑडियो ने मामले में नई सनसनी फैला दी है और पुलिस कई और पीड़ितों के सामने आने की उम्मीद कर रही है।
🔶 पुलिस की छानबीन जारी, पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी
पुलिस अब फरार तीनों सदस्यों रियाज, प्रविन्द्र और प्रवेश की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। युवती के इंस्टाग्राम, मोबाइल डेटा और स्पाई ऐप की जांच के आधार पर संभावना है कि गिरोह ने कई और लोगों को अपना शिकार बनाया है। कमलानगर पुलिस की इस कार्रवाई ने आगरा में सक्रिय सेक्सटॉर्शन उद्योग के उस काले नेटवर्क को सामने ला दिया है, जिसमें युवती के साथ-साथ भ्रष्ट पुलिसकर्मी, स्थानीय नेता और संगठित दलालों का पूरा तंत्र काम करता था।

