आगरा लाईव न्यूज। ताजनगरी सामने आया यह मामला धीरे-धीरे खुला और हर कदम पर एक नई सच्चाई सामने आती चली गई। यह कहानी उस समय शुरू होती है, जब एक बेटी अपने ही घर में सुरक्षित नहीं रही और उसके बाद हत्या को छिपाने के लिए पूरे परिवार ने साजिश रच दी। सबसे पहले यह बात सामने आई कि थाना मलपुरा क्षेत्र के विनायक गार्डन में रहने वाले रिटायर्ड दरोगा रणवीर सिंह यादव की बेटी अंशु यादव का अपने ही रिश्ते में लगने वाले युवक से प्रेम संबंध था। परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। परिजनों को लग रहा था कि इससे समाज में बदनामी होगी और घर के अन्य बच्चों की शादियों पर असर पड़ेगा। इसी वजह से घर में लगातार तनाव बना हुआ था।
इसी तनाव के बीच 30 अक्टूबर से पहले अंशु यादव की उसके ही घर में हत्या कर दी गई। जांच में पता चला कि हत्या के बाद परिवार ने पुलिस को गुमराह करने की योजना बनाई। शव को तुरंत ठिकाने लगाने के लिए रिटायर्ड दरोगा अपनी पत्नी के साथ बेटी के शव को कार में रखकर इटावा के जसवंतनगर स्थित अपनी ससुराल ले गया। वहां साले के बेटे की मदद से शव को यमुना नदी में फेंक दिया गया, ताकि कोई सबूत न बचे। हत्या के बाद 30 अक्टूबर को ही पिता ने थाना मलपुरा में बेटी की गुमशुदगी दर्ज करा दी। पुलिस को बताया गया कि अंशु शाम करीब पांच बजे बिना बताए घर से चली गई है। इसी आधार पर पुलिस कई दिनों तक युवती की तलाश करती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम बातें पता चलीं। सामने आया कि अंशु ने घटना से कुछ दिन पहले एक वीडियो बनाया था, जिसमें उसने अपने माता-पिता से जान का खतरा बताया था। इस वीडियो के मिलने के बाद पुलिस का शक परिवार पर गहराने लगा। मामले में बड़ा मोड़ 13 दिसंबर को आया, जब अंशु के प्रेमी ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी प्रेमिका की हत्या उसके ही घरवालों ने कर दी है। प्रेमी उसकी गुमशुदगी को लेकर लगातार परेशान था और पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रहा था। इस सूचना के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी। सर्विलांस और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने रिटायर्ड दरोगा रणवीर सिंह यादव को हिरासत में लिया। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम इटावा पहुंची।
रविवार को थाना मलपुरा पुलिस और फोरेंसिक टीम ने इटावा के जसवंतनगर क्षेत्र में यमुना नदी किनारे तलाशी अभियान चलाया। यहां से युवती का कंकाल और अन्य अवशेष बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार शव लंबे समय तक नदी किनारे पड़ा रहने से जंगली जानवरों द्वारा नष्ट कर दिया गया था। फोरेंसिक टीम ने मौके से मिले अवशेषों को डीएनए जांच के लिए भेज दिया है, ताकि मृतका की पहचान की पुष्टि हो सके। पुलिस ने इस मामले में आरोपी माता-पिता और मामा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कुछ अन्य लोग अभी फरार बताए जा रहे हैं। डीसीपी अतुल शर्मा और एसीपी सुकन्या शर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि गुमशुदगी की रिपोर्ट जानबूझकर दर्ज कराई गई थी, ताकि हत्या को छिपाया जा सके। यह मामला ऑनर किलिंग का है, जिसमें सामाजिक दबाव और झूठी प्रतिष्ठा के नाम पर एक युवती की जान ले ली गई। यह घटना न केवल मानवता को शर्मसार करने वाली है, बल्कि यह भी दिखाती है कि समाज में आज भी प्रेम और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को स्वीकार न कर पाने की सोच कितनी खतरनाक हो सकती है। पुलिस का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद कानूनी कार्रवाई को और मजबूत किया जाएगा तथा फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। रविवार को थाना मलपुरा पुलिस और फोरेंसिक टीम ने इटावा के जसवंतनगर क्षेत्र में यमुना नदी किनारे तलाशी अभियान चलाया। यहां से युवती का कंकाल और अन्य अवशेष बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार शव लंबे समय तक नदी किनारे पड़ा रहने से जंगली जानवरों द्वारा नष्ट कर दिया गया था। फोरेंसिक टीम ने मौके से मिले अवशेषों को डीएनए जांच के लिए भेज दिया है, ताकि मृतका की पहचान की पुष्टि हो सके। पुलिस ने इस मामले में आरोपी माता-पिता और मामा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कुछ अन्य लोग अभी फरार बताए जा रहे हैं।
डीसीपी अतुल शर्मा और एसीपी सुकन्या शर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि गुमशुदगी की रिपोर्ट जानबूझकर दर्ज कराई गई थी, ताकि हत्या को छिपाया जा सके। यह मामला ऑनर किलिंग का है, जिसमें सामाजिक दबाव और झूठी प्रतिष्ठा के नाम पर एक युवती की जान ले ली गई। यह घटना न केवल मानवता को शर्मसार करने वाली है, बल्कि यह भी दिखाती है कि समाज में आज भी प्रेम और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को स्वीकार न कर पाने की सोच कितनी खतरनाक हो सकती है। पुलिस का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद कानूनी कार्रवाई को और मजबूत किया जाएगा तथा फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

