आगरा लाईव न्यूज। टूंडला रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्लेटफॉर्म पर बैठी एक मूक-बधिर महिला का एक साल का मासूम बच्चा अचानक गायब हो गया। लघुशंका के लिए कुछ देर के लिए बेंच छोड़कर गई महिला जब वापस लौटी तो बच्चा वहां नहीं था। घबराई महिला जोर-जोर से चीखने लगी और इशारों में लोगों को घटना की जानकारी देने लगी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने तत्परता दिखाते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और महज तीन घंटे के भीतर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर महिला व पुरुष आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
शनिवार सुबह टूंडला रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3-4 पर एक मूक-बधिर महिला अपने एक साल के बच्चे के साथ बेंच पर बैठी थी। इसी दौरान वह लघुशंका के लिए पास ही गई। वापस लौटने पर उसने देखा कि बेंच से उसका बच्चा गायब है। बच्चे को न पाकर महिला बदहवास हो गई और जोर-जोर से रोने-चिल्लाने लगी। उसकी हालत और इशारों को देखकर यात्रियों ने आरपीएफ को सूचना दी। आरपीएफ कर्मियों ने तत्काल सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। फुटेज में साफ दिखाई दिया कि एक व्यक्ति मासूम बच्चे को गोद में उठाकर प्लेटफॉर्म से ले जाता हुआ नजर आ रहा है। आगे के सीसीटीवी फुटेज में वही व्यक्ति एक महिला के साथ पूर्वा एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ते हुए दिखाई दिया। इसके बाद आरपीएफ ने तुरंत कंट्रोल रूम के माध्यम से संबंधित स्टेशनों को अलर्ट किया।
आरपीएफ ने पहले अलीगढ़ स्टेशन को सूचना दी, लेकिन तब तक ट्रेन वहां से आगे निकल चुकी थी। इसके बाद दादरी स्टेशन पर सतर्कता बरतते हुए पूर्वा एक्सप्रेस को रुकवाया गया। तलाशी के दौरान बी-4 कोच से बच्चे के साथ एक महिला और एक पुरुष को पकड़ लिया गया। जांच में पुष्टि होने के बाद बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। आरपीएफ के कंपनी कमांडेंट अवधेश गोस्वामी ने बताया कि समय रहते सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान कर ली गई, जिससे बच्चे को सुरक्षित वापस लाना संभव हो सका। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि बच्चे को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। घटना के बाद रेलवे प्रशासन और आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई की यात्रियों और स्थानीय लोगों ने सराहना की है। वहीं, इस घटना ने रेलवे स्टेशनों पर छोटे बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

