अवैध अल्प्राजोलम फैक्टरी का भंडाफोड़, 60 करोड़ की नशीली दवा जब्त, आगरा के तीन गिरफ्तार

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आगरा लाईव न्यूज। भिवाड़ी गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस), जयपुर स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) और भिवाड़ी पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भिवाड़ी के कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में संचालित एक अवैध दवा फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक दवा अल्प्राजोलम और मिक्स पाउडर जब्त किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 60 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के दो मालिकों सहित एक केमिस्ट को गिरफ्तार किया है, जिनका संबंध उत्तर प्रदेश के आगरा, भदोही और वाराणसी से बताया गया है।

भिवाड़ी के पुलिस अधीक्षक प्रशांत किरण ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि गुजरात एटीएस को गोपनीय सूचना मिली थी कि कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एपीएल फार्मा कंपनी में बिना वैध लाइसेंस के अल्प्राजोलम का निर्माण किया जा रहा है। सूचना के आधार पर रविवार दोपहर गुजरात एटीएस और जयपुर एसओजी की टीम भिवाड़ी पहुंची और स्थानीय यूआईटी थाना पुलिस की मदद से फैक्टरी पर छापा मारा गया। जांच के दौरान मौके से 4.850 किलोग्राम अल्प्राजोलम पाउडर और 17.250 किलोग्राम मिक्स पाउडर बरामद किया गया। फॉरेंसिक टीम को बुलाकर नमूने जांच के लिए भेजे गए, पुष्टि होने के बाद पूरी खेप को जब्त कर लिया गया और फैक्टरी को सील कर दिया गया।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में आगरा निवासी अंशुल शास्त्री, भदोही निवासी अखिलेश कुमार मौर्य और वाराणसी निवासी श्रीकृष्ण कुमार यादव शामिल हैं। तीनों केमिकल इंजीनियर बताए जा रहे हैं और इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अप्रैल माह में खुशखेड़ा क्षेत्र में किराए के प्लॉट पर अवैध कारोबार शुरू किया था। प्लॉट मालिक के दबाव के बाद नवंबर के अंत में पूरा सेटअप कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया, जहां मात्र तीन दिन पहले ही उत्पादन शुरू हुआ था।

एसपी प्रशांत किरण के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले ही करीब चार किलोग्राम अल्प्राजोलम बाजार में सप्लाई कर चुके थे और आगे बड़े पैमाने पर उत्पादन व सप्लाई की योजना थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कच्चा माल कहां से मंगाया जा रहा था और तैयार दवा की सप्लाई किन-किन राज्यों या देशों में की जानी थी। पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच की जा रही है और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़े तारों की भी पड़ताल की जा रही है। अल्प्राजोलम एक प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक पदार्थ है, जिसका दुरुपयोग नींद की गोलियों और नशीले पदार्थों के रूप में किया जाता है। अवैध रूप से इसका निर्माण और वितरण युवाओं में नशे की लत फैलाने का बड़ा कारण बन रहा है। गुजरात एटीएस की यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।

इधर, आगरा में भी आरोपियों के संबंधों को लेकर जांच तेज कर दी गई है। सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि फिलहाल गुजरात एटीएस की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मांगी गई है, लेकिन यह जांच की जा रही है कि गिरफ्तार आरोपियों की आगरा में कोई फैक्टरी या फर्म संचालित तो नहीं हो रही है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी अंशुल शास्त्री द्वारा पुलिस को बताया गया आगरा का पता संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, जिस पर स्थानीय स्तर पर सत्यापन कराया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट लगी है, लेकिन नेटवर्क अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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