जितेन्द्र कुशवाह क्राइम रिपोर्टर
आगरा लाईव न्यूज। ताजनगरी में खुलेआम मांस-मदिरा के अवैध कारोबार का खेल अब किसी एक इलाके तक सीमित नहीं रह गया है। शहर के लगभग सभी थाना क्षेत्रों में सड़कों, चौराहों और बाजारों के आसपास नियमों को ताक पर रखकर मांस और मदिरा की बिक्री व सेवन खुलेआम किया जा रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की गतिविधियां अब आम होती जा रही हैं और जिम्मेदार तंत्र आंखें मूंदे बैठा है। ट्रांस यमुना, हरीपर्वत, लोहामंडी, न्यू आगरा, कमला नगर, जगदीशपुरा, सदर, ताजगंज सहित कई थाना क्षेत्रों में मांस-मदिरा से जुड़ी दुकानों और ठिकानों के आसपास दिन ढलते ही भीड़ जुटने लगती है। नशे की हालत में लोग सड़कों पर हंगामा करते नजर आते हैं, राहगीरों से अभद्रता होती है और कई बार झगड़े, मारपीट व आपराधिक घटनाओं की स्थिति बन जाती है। इससे आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।
सूत्रों के अनुसार शहर के अनेक इलाकों में मांस और मदिरा का कारोबार बिना वैध लाइसेंस या तय मानकों के विपरीत संचालित किया जा रहा है। कई जगहों पर न तो निर्धारित दूरी के नियमों का पालन किया जा रहा है और न ही स्वच्छता व सार्वजनिक मर्यादा का ध्यान रखा जा रहा है। इसके बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। वजीरपुरा, नाई की मंडी, लोहामंडी और न्यू आगरा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में हालात और ज्यादा गंभीर हैं। शाम होते-होते सड़कें और गलियां मांस-मदिरा के अघोषित अड्डों में तब्दील हो जाती हैं। कई स्थानों पर नियमों के अनुसार ग्रीन मैट और अन्य अनिवार्य व्यवस्थाएं भी नदारद हैं, जिससे खुले में मांस-मदिरा का सेवन आम दृश्य बन चुका है। इसका सीधा असर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय इन इलाकों से गुजरना असहज ही नहीं, बल्कि कई बार डर का कारण बन जाता है। धार्मिक स्थलों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों के आसपास इस तरह की गतिविधियां सामाजिक सौहार्द, सार्वजनिक शालीनता और कानून की गरिमा को ठेस पहुंचा रही हैं।
नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन और जिला अधिकारियों से मांग की है कि सभी थाना क्षेत्रों में एकसमान और सख्त अभियान चलाकर अवैध मांस-मदिरा कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। बिना लाइसेंस संचालित ठिकानों को बंद किया जाए, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो और नियमित गश्त व निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए, ताकि आगरा में आमजन का भरोसा बहाल हो सके और कानून-व्यवस्था मजबूत रहे।

