आगरा लाईव न्यूज। आगरा/बसेड़ी। किशोरी से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में फरार चल रहे बर्खास्त सिपाही को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वृंदावन से गिरफ्तार कर लिया। पहचान छिपाने के लिए आरोपित बुर्का पहनकर, सिर मुंडवाकर और लिपस्टिक लगाए घूम रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे वृंदावन से कोतवाली लाई और सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुर्के में ही थाने से न्यायालय तक पैदल जुलूस निकाला गया। अदालत ने आरोपित को पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया है। बसेड़ी थाना क्षेत्र निवासी राजेंद्र सिसौदिया उर्फ रामभरोसी राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (आरएसी) में कांस्टेबल था, जिसे पिछले वर्ष सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। 15 दिसंबर को उसने अपने परिचित के बेटे को जेल प्रहरी की नौकरी दिलाने का झांसा देकर बुलाया था। युवक के साथ उसकी नाबालिग बहन भी थी। आरोप है कि राजेंद्र ने किशोरी के भाई को कागजों की फोटोकॉपी कराने के बहाने घर से बाहर भेज दिया और उसके बाद नाबालिग के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो आरोपित मौके से फरार हो गया।
मामले में बसेड़ी थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए पुलिस अधीक्षक ने आरोपित पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। गिरफ्तारी की मांग को लेकर बढ़ते दबाव के बीच नगर परिषद ने सख्ती दिखाते हुए बुलडोजर कार्रवाई कर आरोपित के घर का अगला हिस्सा ढहा दिया था। एसपी विकास सांगवान ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपित मथुरा जिले के वृंदावन में छिपा हुआ है। इस पर एएसआई शिव गणेश, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार और कांस्टेबल रविंद्र की टीम को लगाया गया। बताए गए स्थान पर एक बुर्कानशीं व्यक्ति को संदिग्ध अवस्था में तेज कदमों से निकलते देख पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। भागने की कोशिश पर पीछा कर उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ और बुर्का हटाने पर उसकी पहचान राजेंद्र सिसौदिया के रूप में हुई। गिरफ्तारी की सूचना फैलते ही मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग कोतवाली पहुंच गए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने आरोपित का बुर्के में ही कोतवाली से न्यायालय तक जुलूस निकाला। न्यायालय ने पूछताछ के लिए उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान फरारी में सहयोग करने वालों, ठिकानों और अन्य पहलुओं की गहन जांच की जाएगी।

