एसएन मेडिकल कॉलेज बनेगा गंभीर बीमारियों के इलाज का बड़ा केंद्र, मार्च से शुरू होगी बाईपास सर्जरी

0
Oplus_131072

आयुष्मान व असाध्य रोग योजना में निशुल्क इलाज, सामान्य मरीजों के लिए सिर्फ 8 हजार में बाईपास ऑपरेशन

आगरा लाईव न्यूज। आगरा और आसपास के जिलों के गंभीर रोगियों के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज से बड़ी राहत की खबर है। मार्च माह से एसएन मेडिकल कॉलेज में बाईपास सर्जरी की सुविधा शुरू होने जा रही है। इसके साथ ही कैंसर, हार्ट अटैक, किडनी और लिवर जैसी जानलेवा बीमारियों के इलाज को लेकर भी सरकारी योजनाओं के तहत निशुल्क और सस्ती सुविधाएं लगातार विस्तार ले रही हैं। इससे अब मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों या बाहर के बड़े शहरों की ओर भटकना नहीं पड़ेगा। बाईपास सर्जरी के लिए केंद्र सरकार की ओर से 2.15 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक हार्ट–लंग मशीन अगले महीने एसएन मेडिकल कॉलेज को उपलब्ध कराई जाएगी। मशीन के स्थापित होते ही कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग में बाईपास सर्जरी शुरू कर दी जाएगी। आयुष्मान भारत योजना, असाध्य रोग योजना और मुख्यमंत्री राहत कोष योजना के लाभार्थियों के लिए यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क होगी, जबकि सामान्य मरीजों को मात्र आठ हजार रुपये में बाईपास सर्जरी कराई जा सकेगी।

निजी अस्पतालों में यही ऑपरेशन तीन से चार लाख रुपये तक में होता है। अब तक एसएन मेडिकल कॉलेज में बाईपास सर्जरी की सुविधा नहीं होने के कारण गंभीर हृदय रोगियों को निजी अस्पतालों या फिर लखनऊ, जयपुर और दिल्ली जैसे शहरों में इलाज कराना पड़ता था। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह बेहद मुश्किल साबित होता था। मार्च से बाईपास सर्जरी शुरू होने के बाद हजारों मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। बाईपास सर्जरी के लिए सीटीवीएस विभाग के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की पांचवीं मंजिल पर अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर तैयार कर लिया गया है। हार्ट–लंग मशीन इसी ऑपरेशन थिएटर में स्थापित की जाएगी। फिलहाल एसएन में कैथ लैब के जरिए एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर की सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन नई मशीन के आने के बाद हृदय से जुड़ी अधिकांश जटिल सर्जरी यहीं संभव हो सकेंगी।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से हार्ट–लंग मशीन उपलब्ध कराई जा रही है। इसके आने से एसएन मेडिकल कॉलेज हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा और मरीजों को अपने शहर में ही उच्चस्तरीय इलाज मिल सकेगा। सीटीवीएस विभाग के डॉ. सुशील सिंघल ने बताया कि हृदय की नसों में गंभीर ब्लॉकेज होने पर बाईपास सर्जरी की जाती है। इसमें मरीज के पैर में मौजूद अतिरिक्त नस का उपयोग कर ब्लॉकेज से पहले नई नस जोड़ दी जाती है, जिससे हृदय तक रक्तसंचार सुचारु हो जाता है और मरीज की जान बच जाती है। हार्ट–लंग मशीन की मदद से बाईपास के साथ-साथ हृदय वाल्व लीकेज और अन्य जटिल सर्जरी भी की जा सकेंगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हर महीने 25 से 30 मरीज ऐसे आते हैं, जिन्हें बाईपास की जरूरत होती है, लेकिन सुविधा न होने के कारण बाहर रेफर करना पड़ता है। मशीन लगने के बाद इन सभी का इलाज एसएन में ही संभव होगा।

इधर, एसएन मेडिकल कॉलेज में असाध्य रोग निधि के तहत भी मरीजों को बड़ी राहत दी जा रही है। कैंसर, हार्ट अटैक, किडनी और लिवर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित वे मरीज, जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, वे भी गृहस्थ राशन कार्ड के आधार पर निशुल्क इलाज करा सकते हैं। इस योजना के तहत कॉलेज को चार करोड़ रुपये का बजट मिला था, जिसमें से अक्टूबर तक तीन करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। शेष अवधि के लिए शासन से अतिरिक्त दो करोड़ रुपये की मांग की गई है। सुपर स्पेशियलिटी विंग में हृदय रोगियों के लिए एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी, किडनी मरीजों के लिए डायलिसिस, लिवर रोगियों का इलाज और कैंसर मरीजों के लिए आधुनिक रेडियोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध है। इस योजना के अंतर्गत मरीजों को दवाएं भी निशुल्क दी जा रही हैं। वहीं आयुष्मान कार्ड धारकों को सभी बीमारियों के लिए पूरी तरह मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है।

बाईपास सर्जरी की शुरुआत और असाध्य रोग योजना के विस्तार के साथ एसएन मेडिकल कॉलेज तेजी से गंभीर बीमारियों के इलाज का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। कम खर्च, सरकारी योजनाओं का लाभ और शहर में ही उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलने से आगरा सहित आसपास के जिलों के हजारों मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here