राधा-कृष्ण मंदिर चोरी का पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा, सुनार समेत तीन शातिर गिरफ्तार, 3.45 किलो चांदी और 70 हजार नकद बरामद

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आगरा लाईव न्यूज। मंदिरों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच थाना न्यू आगरा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए राधा-कृष्ण मंदिर में हुई चोरी की घटना का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने सुनियोजित तरीके से की गई इस वारदात में शामिल तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए चोरी की गई चांदी, नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। खास बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में एक सुनार भी शामिल है, जिसने चोरी किए गए चांदी के छत्र को गलवाकर सबूत मिटाने की कोशिश की थी। यह घटना 31 दिसंबर 2025 की रात की है। वादी द्वारा थाना न्यू आगरा पर सूचना दी गई थी कि लॉयर्स कॉलोनी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में अज्ञात चोरों ने धावा बोल दिया। चोरों ने शिवलिंग के ऊपर लगे चांदी के छत्र और मुकुट को उतार लिया, साथ ही लोहे की अलमारी और दानपात्र का ताला तोड़कर उसमें रखी नकदी भी चोरी कर ली। मंदिर जैसी पवित्र जगह में हुई इस वारदात से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था।

घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना न्यू आगरा पुलिस टीम के साथ-साथ साइबर सर्विलांस और काउंटर इंटेलिजेंस टीम, कमिश्नरेट आगरा को जांच में लगाया गया। लगातार सुरागरसी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे। इसके बाद 05 जनवरी 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने पोईया घाट के पास से तीन अभियुक्तों हैदर, अमन और राजू को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने अभियुक्तों की तलाशी ली तो उनके कब्जे से मंदिर से चोरी की गई चांदी को गलवाकर बनाई गई चार चांदी की ईंटें बरामद हुईं, जिनका कुल वजन करीब 3 किलो 450 ग्राम है। इसके अलावा चोरी की चांदी बेचकर प्राप्त किए गए 70 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किए हैं।

पूछताछ में तीनों अभियुक्तों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने 31 दिसंबर की रात आपस में योजना बनाकर राधा-कृष्ण मंदिर में चोरी की थी। अभियुक्त राजू और अमन मंदिर के बाहर खड़े होकर निगरानी कर रहे थे, जबकि हैदर को पीछे की दीवार से कूदकर मंदिर के अंदर भेजा गया था। हैदर ने जाल तोड़कर गेट खोला, दानपात्र को तोड़ा और उसमें रखे करीब 600 रुपये निकाल लिए, साथ ही शिवलिंग पर लगा चांदी का छत्र भी चोरी कर लिया। चोरी के बाद उसी दिन शाम को अभियुक्त राजू, जो पेशे से सुनार है, ने चोरी किए गए चांदी के छत्र को गलवाकर पांच हिस्सों में बंटवा दिया, ताकि पहचान न हो सके। इनमें से करीब 400 ग्राम वजन का एक हिस्सा 70 हजार रुपये में राह चलते एक अज्ञात व्यक्ति को बेच दिया गया और रकम को आपस में बांट लिया गया। शेष चार चांदी की ईंटों में से दो हैदर को दी गईं, क्योंकि वही मंदिर के अंदर जाकर चोरी करने वाला था, जबकि एक-एक ईंट राजू और अमन ने अपने पास रख ली।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अभियुक्त राजू और हैदर के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिससे उनकी आपराधिक प्रवृत्ति साफ झलकती है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इन आरोपियों ने इससे पहले भी किसी अन्य मंदिर या स्थान पर इस तरह की चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। इस पूरे मामले को लेकर एसीपी हरीपर्वत अक्षय महाडिक ने बताया कि थाना न्यू आगरा पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई से मंदिर चोरी की घटना का सफल अनावरण किया गया है। बरामदगी के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और अभियुक्तों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर गश्त और निगरानी और सख्त की जाएगी।

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