आगरा लाईव न्यूज। पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट आगरा के निर्देशन में थाना मदन मोहन गेट पुलिस और साइबर सर्विलांस/काउंटर इंटेलीजेंस टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मोती कटरा क्षेत्र में हुई करीब 97 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी की घटना का महज सात घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस मामले में फर्म के दो पूर्व कर्मचारी सगे भाइयों समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके कब्जे से 96 लाख 95 हजार 500 रुपये नकद, बैंक रसीदें और चोरी में प्रयुक्त सामान बरामद किया गया है। घटना 6 जनवरी 2026 को वादी है हरिश कुमार वंजानी ने थाना मदन मोहन गेट पर सूचना दी कि उनकी फर्म Harmeera Footcare प्रकाशवंती पैलेस, मोती कटरा रोड पर स्थित है। 5 जनवरी 2026 की रात वह फर्म बंद कर घर चले गए थे। अगले दिन सुबह जब फर्म पहुंचे तो ताले टूटे मिले। अंदर जांच करने पर पता चला कि फर्म में रखा करीब 97 लाख रुपये नकद अज्ञात चोर चोरी कर ले गए हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देशन में पुलिस उपायुक्त नगर के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस को शीघ्र अनावरण और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में 6/7 जनवरी की रात थाना मदन मोहन गेट पुलिस टीम द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी की घटना में शामिल आरोपी शाहगंज रेलवे पुल के पास कहीं जाने की फिराक में खड़े हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम आकाश और नीरज पुत्र अशोक निवासी गयासपुरा थाना शाहगंज बताया। दोनों ने स्वीकार किया कि वे सगे भाई हैं और हरमीरा फुटवियर फर्म में काम करते थे। नीरज कुछ दिन पहले नौकरी छोड़ चुका था, जबकि आकाश अभी भी फर्म में कार्यरत था। कर्ज में डूबे होने के कारण दोनों ने चोरी की योजना बनाई। फर्म की पूरी जानकारी होने के चलते उन्होंने 5/6 जनवरी की रात योजनाबद्ध तरीके से जाली तोड़कर करीब 97 लाख रुपये चोरी कर लिए।
पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि चोरी की रकम के बारे में अभियुक्तों के पिता अशोक पुत्र रामभरोसी को भी जानकारी थी। अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने तीसरे अभियुक्त अशोक पुत्र रामभरोसी निवासी गयासपुरा थाना शाहगंज को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चोरी की गई रकम में से कुल 96 लाख 95 हजार 500 रुपये नकद, बैंक रसीदें, एक नीला बैग और एक सफेद प्लास्टिक का कट्टा बरामद किया गया। पुलिस का कहना है कि त्वरित कार्रवाई, सटीक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र के चलते इतनी बड़ी चोरी का खुलासा बेहद कम समय में संभव हो सका। इस सफल अनावरण से व्यापारियों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है, वहीं अपराधियों में पुलिस की सक्रियता का खौफ भी साफ नजर आ रहा है।

