आगरा लाईव न्यूज। थाना बरहन क्षेत्रान्तर्गत हुई हत्या की घटना का पुलिस ने सफल अनावरण कर दिया है। थाना बरहन पुलिस, सर्विलांस एवं एसओजी (पश्चिमी जोन) की संयुक्त टीम ने इस जघन्य हत्याकांड में संलिप्त चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रेम-प्रसंग और पारिवारिक रंजिश के चलते योजनाबद्ध तरीके से इस हत्या को अंजाम दिया गया था, जिसे सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। मामला 19 दिसंबर 2025 का है, जब वादी हरकेश निवासी नया बांस थाना बरहन ने थाना बरहन पर तहरीर दी थी कि उनके ममेरे भाई मुकेश चौहान की अज्ञात वाहन की टक्कर से मृत्यु हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल की परिस्थितियों ने पुलिस को संदेह की ओर इशारा किया, जिसके बाद मामले की गहन विवेचना की गई।
पुलिस आयुक्त एवं वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गठित टीमों ने तकनीकी साक्ष्य, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र के माध्यम से जांच को आगे बढ़ाया। विवेचना के दौरान प्रकाश में आए अभियुक्त मोहित कुमार को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही और मुखबिर की सूचना पर दूसरे अभियुक्त भानुप्रताप को आसखेड़ा बरहन रेलवे क्रॉसिंग पुल के नीचे से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर मामले में हत्या से संबंधित धाराओं की बढ़ोत्तरी की गई। पूछताछ में अभियुक्त मोहित कुमार ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि वह अभियुक्त अनुज धाकरे के पिता भानुप्रताप की गाड़ी चलाता था। अनुज धाकरे की बहन और मृतक मुकेश चौहान के बीच पूर्व में संबंध थे, जिससे दोनों परिवारों के बीच तनाव चल रहा था। शादी के बाद भी यह विवाद खत्म नहीं हुआ और रंजिश बढ़ती चली गई। इसी कारण अनुज धाकरे, उसके पिता भानुप्रताप और साथियों ने मुकेश चौहान की हत्या की साजिश रची।
अभियुक्तों ने करीब 10–15 दिन तक मृतक की रेकी की और उसकी दिनचर्या पर नजर रखी। 18 दिसंबर 2025 की रात योजनाबद्ध तरीके से तीन कारों में सवार होकर अभियुक्त बरहन पहुंचे। शराब पिलाने के बाद सभी ने एमएस कैफे के पास टेम्पो स्टैंड पर मृतक का इंतजार किया। जैसे ही मुकेश चौहान नगला गोवल की ओर अकेले मोटरसाइकिल से निकला, अभियुक्तों ने उसका पीछा किया। रेलवे अंडर ब्रिज के पास ब्रेकर पर जैसे ही उसने गति धीमी की, तभी फावड़े के लकड़ी के बेंट से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार किए गए। गंभीर चोटों से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी हथियारों को रेलवे लाइन की बाउंड्री के पार फेंककर फरार हो गए और घटना को दुर्घटना दिखाने की कोशिश की।
पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल चार अभियुक्तों अनुज धाकरे, मोहित कुमार, अनिरुद्ध उर्फ विकास और भानुप्रताप—को गिरफ्तार कर लिया है। अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो स्विफ्ट कारें, मोबाइल फोन और फावड़े के लकड़ी के बेंट बरामद किए गए हैं।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों और स्वीकारोक्ति के आधार पर यह स्पष्ट हो गया है कि यह एक सुनियोजित हत्या थी। सभी अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस खुलासे से क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज है और पुलिस की कार्यशैली की सराहना की जा रही है।

