झूठे अपहरण की साजिश का 20 घंटे में खुलासा, मुंबई के व्यापारी से लूट करने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार

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आगरा लाईव न्यूज। महज 20 घंटे के भीतर झूठे अपहरण की कहानी का पर्दाफाश करते हुए मुंबई के एक व्यापारी से रुपये और सामान लूटने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में साफ हो गया कि अपहरण की घटना पूरी तरह फर्जी थी और वादी स्वयं आरोपियों के संपर्क में था। 08 जनवरी 2026 को वादी ने थाना एत्माद्दौला में सूचना दी कि वह 06 जनवरी को अपने काम से आगरा आया था और उसका आगरा आना-जाना पहले से होता रहता है। 07 जनवरी को उसे दिल्ली में रहने वाले एक दोस्त का फोन आया, जिसने मिलने के लिए उसे रामबाग चौराहे पर बुलाया। रामबाग चौराहे पर वादी पुड़ी खा रहा था, तभी एक कार से दो युवक आए और उसे गाड़ी में बैठने को कहा। वादी को लगा कि ये लोग उसके दोस्त द्वारा भेजे गए हैं, इसी भ्रम में वह उनके साथ कार में बैठ गया। इसके बाद आरोपी उसे शहर से बाहर खंदौली की ओर एक सुनसान जगह पर ले गए, जहां अन्य साथियों के साथ मिलकर उसके साथ गाली-गलौच और मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी देकर उसका मोबाइल फोन, कुछ नकदी, एक सोने की अंगूठी और ऑनलाइन माध्यम से करीब दो लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए गए।

घटना के सफल अनावरण के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीमों ने रामबाग चौराहे और आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच की तथा ऑनलाइन लेन-देन से जुड़े बैंक खातों की जानकारी जुटाई। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि अपहरण की कोई घटना नहीं हुई थी। वादी और आरोपी पहले से ही व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से एक-दूसरे को जानते थे और वादी अपनी सहमति से उनके साथ गया था। रुपयों के लालच में आरोपियों ने लूट की इस साजिश को अंजाम दिया था। पुलिस जांच के दौरान 08 जनवरी 2026 को मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर गठित टीमों ने चारपुलिया कट से इलेक्ट्रिक बस स्टैंड जाने वाली सड़क के पास से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक कार, पीली धातु की एक अंगूठी, 800 रुपये नकद और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ में मुख्य आरोपी रामेश्वर उर्फ मोटू उर्फ सिकंदर ने बताया कि उसने रोहन ठाकुर नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाई थी और फेसबुक के “आगरा बाटम” नामक एक ग्रुप से जुड़ा हुआ था। इसी ग्रुप के माध्यम से 07 जनवरी को सुबह वादी से संपर्क हुआ, बातचीत और वीडियो कॉल के बाद मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान हुआ और रामबाग पर मिलने की बात तय की गई।

रामेश्वर ने बताया कि वह और उसका साथी ऋतिक कार से वादी को रामबाग से लेने गए थे और उसे लेकर खंदौली की ओर चले गए, जबकि अन्य आरोपी पहले से ही सुनसान स्थान पर मौजूद थे। वहां सभी ने मिलकर वादी को धमकाया और पैसे न देने पर मारपीट करते हुए जान से खत्म करने का भय दिखाया। डर के कारण वादी ने 850 रुपये नकद, एक सोने की अंगूठी और अपना मोबाइल दे दिया तथा अपने मोबाइल से 5 हजार रुपये और अपने परिचितों से कुल 1 लाख 20 हजार रुपये आरोपियों के खाते में डलवाए। घटना के बाद आरोपियों ने उसे धमकी दी कि किसी को कुछ बताया तो जान से मार देंगे और उसे मेन रोड पर छोड़ दिया। बरामद मोबाइल, नकदी और अंगूठी मुंबई के व्यापारी की बताई गई है। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

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