आगरा लाईव न्यूज। ताजनगरी आगरा के थाना सैंया क्षेत्र में शुक्रवार को उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए, जब गांव की पीड़ित महिलाओं का सब्र जवाब दे गया। ग्राम पंचायत विरहरू में गांव के बाहर स्थित देसी शराब के ठेके के खिलाफ घूंघट में आई महिलाओं ने सामूहिक रूप से मोर्चा खोल दिया। हाथों में लाठी-डंडे लिए महिलाओं ने ठेके में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की, शराब की पेटियां सड़क पर फेंकीं और बोतलें तोड़ डालीं। इस दौरान उनके साथ छोटे-छोटे बच्चे भी मौजूद रहे, जो इस बात की गवाही दे रहे थे कि यह गुस्सा अचानक नहीं, बल्कि लंबे समय से झेली जा रही पीड़ा का नतीजा था।

महिलाओं का कहना है कि शराब ने उनके घर-परिवार को बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया है। सुबह से ही पति ठेके पर पहुंच जाते हैं, दिनभर नशे में रहते हैं, काम-धंधा छूट गया है। शाम होते-होते घर का माहौल जहरीला हो जाता है। शराब के नशे में मारपीट, गाली-गलौज आम बात हो चुकी है। बच्चों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना तक मुश्किल हो गया है। कई महिलाओं ने रोते हुए बताया कि छोटे बच्चे भूखे रहते हैं, पढ़ाई छूट रही है और घर चलाना दूभर हो गया है।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि ठेके पर न सिर्फ तय समय से पहले और समय के बाद भी शराब बेची जाती है, बल्कि ठेके के आसपास शराबी खुलेआम गाली-गलौज करते हैं और आने-जाने वाली महिलाओं व लड़कियों पर फब्तियां कसते हैं। इसको लेकर कई बार पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बार-बार अनसुनी होने के बाद आखिरकार महिलाओं ने खुद ही कदम उठाने का फैसला किया।

शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे दर्जनों महिलाएं एकजुट होकर ठेके पर पहुंचीं। सभी महिलाएं घूंघट में थीं। उन्होंने ठेके के अंदर रखी शराब की पेटियां बाहर निकालकर सड़क पर पटक दीं और लाठियों से बोतलें तोड़ दीं। करीब आधे घंटे तक यह सिलसिला चलता रहा। चारों ओर कांच बिखर गया। मौके पर भीड़ जमा हो गई और कुछ लोगों ने महिलाओं को रोकने की कोशिश की, लेकिन अपने फैसले पर अडिग महिलाएं नहीं मानीं। सूचना पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन हालात पूरी तरह काबू में नहीं आ सके। इसके बाद ठेकेदार ने आबकारी विभाग और थाना सैंया पुलिस को सूचना दी। पुलिस फोर्स के साथ डीसीपी वेस्ट अतुल शर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं और ठेका संचालक के बीच बातचीत कराई, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे शांत हो सकी। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है।
ठेका संचालक शिवा चाहर का कहना है कि इस तोड़फोड़ में करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं महिलाओं का साफ कहना है कि यह नुकसान शराब के कारण उनके घरों में रोज हो रहे नुकसान के सामने कुछ भी नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ठेका हटाया नहीं गया और अवैध बिक्री पर रोक नहीं लगी, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। डीसीपी वेस्ट अतुल शर्मा ने बताया कि हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। ठेका संचालक की शिकायत पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जो गांव की महिलाओं के उस दर्द और गुस्से को दिखाता है, जिसने उन्हें कानून-व्यवस्था से इतर इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। यह मामला अब सिर्फ ठेके की तोड़फोड़ नहीं, बल्कि शराब से उजड़ते परिवारों और अनसुनी शिकायतों की एक बड़ी सामाजिक तस्वीर बनकर सामने आया है।

