आगरा लाईव न्यूज। आगरा के थाना मदन मोहन गेट क्षेत्र से एक नर्सिंग छात्रा से जुड़ा गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने कॉलेज परिसरों में छात्राओं की सुरक्षा और डिजिटल अपराधों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित छात्रा ने अपने ही नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाले एक साथी छात्र पर प्रेम संबंध का फायदा उठाकर धोखाधड़ी करने, निजी वीडियो-फोटो बनाने और उन्हें वायरल करने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के अनुसार, कुछ समय पहले उसका आरोपी छात्र के साथ प्रेम संबंध था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने चोरी-छिपे उसके निजी वीडियो और फोटो तैयार कर लिए। जब दोनों के बीच आपसी मतभेद बढ़े और संबंध टूटने की स्थिति बनी, तो आरोपी ने इन आपत्तिजनक वीडियो-फोटो का गलत इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। छात्रा का आरोप है कि आरोपी ने उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो उसके भाई को भेज दिए, जिससे परिवार में तनाव फैल गया और उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुंची।
पीड़ित छात्रा ने बताया कि आरोपी लगातार उसे धमका रहा था कि यदि उसने उसकी बात नहीं मानी, तो वह वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। इस धमकी से वह भय और मानसिक दबाव में आ गई। लगातार उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर आखिरकार उसने साहस जुटाकर थाना मदन मोहन गेट पहुंचकर पूरे मामले की लिखित तहरीर दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना मदन मोहन गेट पुलिस ने आरोपी छात्र के खिलाफ आईटी एक्ट सहित अन्य संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कर उनकी तकनीकी जांच कराई जा रही है। आरोपी के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितनी सामग्री बनाई गई और उसे कहां-कहां भेजा गया।
पुलिस का कहना है कि महिलाओं की निजता और सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। आरोपी के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जा रही है और उसे हर स्तर पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह मामला न सिर्फ एक छात्रा के साथ हुए विश्वासघात की कहानी है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि डिजिटल युग में निजी पलों का गलत इस्तेमाल किस तरह किसी की जिंदगी को मानसिक रूप से तोड़ सकता है। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ब्लैकमेलिंग या डिजिटल उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

