आगरा लाईव। विश्व धरोहर ताजमहल के आसपास बसे ताजगंज क्षेत्र के 500 मीटर दायरे में आज भी पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। इसी को लेकर ताजगंज 500 मीटर बाजार संगठन के संस्थापक चेतन अरोरा ने उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह को एक विस्तृत पत्र सौंपकर गंभीर समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है। यह पत्र 16 जनवरी 2026 को सर्किट हाउस आगरा में आयोजित बैठक के दौरान प्रस्तुत किया गया, जिसकी अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री ने की। पत्र में सबसे गंभीर मुद्दा ताजमहल के समीप स्थित प्राचीन नगर निगम डिस्पेंसरी का उठाया गया है, जो लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी हुई है। बताया गया कि यह डिस्पेंसरी ताजमहल जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के बिल्कुल पास होने के बावजूद आधुनिक सुविधाओं से वंचित है। चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में कई बार पर्यटकों और स्थानीय लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा है, यहां तक कि समय पर इलाज न मिलने से जान जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। चेतन अरोरा ने मांग की है कि इस डिस्पेंसरी को आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जाए ताकि पर्यटकों और क्षेत्रीय नागरिकों को बेहतर इलाज मिल सके।

पत्र में ताजगंज के प्राचीन बाजार का भी विस्तार से उल्लेख किया गया है। बताया गया कि यह बाजार वर्षों पुराना है और यहां हजारों की संख्या में व्यापारी अपनी आजीविका चला रहे हैं। ये व्यापारी बेहद कम मुनाफे में ईमानदारी से व्यापार करते हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में कमीशनखोरी और धोखाधड़ी के जरिए पर्यटकों को महंगे दामों पर सामान बेचा जाता है। संगठन ने मांग की है कि इस बाजार को आधिकारिक रूप से “प्राचीन बाजार” का दर्जा दिया जाए और नगर निगम व आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा जगह-जगह इसके पहचान वाले बोर्ड लगाए जाएं, जिससे पर्यटकों का भरोसा बढ़े और व्यापारियों का कारोबार सुरक्षित रह सके। इसके अलावा पत्र में यह भी कहा गया है कि ताजगंज क्षेत्र में एडीए और नगर निगम के पास उपलब्ध खाली भूमि पर पर्यटकों के लिए टूरिस्ट फेसिलिटी सेंटर बनाया जाए। यहां पार्किंग, शौचालय, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अन्य जनसुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे देश-विदेश से आने वाले सैलानियों को सहूलियत मिल सके। साथ ही क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए नगर निगम के अधिकारियों और व्यापारियों के बीच हर माह या 15 दिन में नियमित बैठक करने की भी मांग रखी गई है।

पर्यटन मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद नगर आयुक्त, नगर निगम आगरा, उपाध्यक्ष आगरा विकास प्राधिकरण और मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रस्तुत पत्र में उल्लिखित बिंदुओं की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करें। साथ ही एक सप्ताह के भीतर की गई कार्यवाही की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। ताजमहल जैसे विश्व प्रसिद्ध स्मारक के आसपास बुनियादी सुविधाओं की यह स्थिति न केवल पर्यटन छवि पर सवाल खड़े करती है, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए भी चिंता का विषय है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन मांगों पर कितनी गंभीरता से अमल करता है और ताजगंज क्षेत्र को कब तक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाया जाता है।

