देह व्यापार में धकेलने के विरोध पर प्रेमी ने गला घोंटकर की सोनाली की हत्या, यमुना एक्सप्रेसवे पर फेंका गया था शव, एआई से सुलझी ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री

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दिल्ली से प्रेमी सनी, उसकी मां और सौतेला पिता गिरफ्तार, साथियों की तलाश जारी

आगरा लाईव। यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे खंदौली थाना क्षेत्र में नाले से मिले कंबल में लिपटे युवती के शव की गुत्थी को आगरा कमिश्नरेट पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) और साइबर सर्विलांस की मदद से सुलझा लिया है। मृतका की पहचान महोबा जनपद की रहने वाली सोनाली के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि सोनाली की हत्या उसके प्रेमी सनी ने देह व्यापार में धकेलने के विरोध पर गला घोंटकर की थी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए थार कार से यमुना एक्सप्रेसवे लाकर खंदौली क्षेत्र में नाले में फेंक दिया गया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी प्रेमी सनी, उसकी मां रंजना और सौतेले पिता प्रदीप को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बार-बार बयान बदल रहा है, जबकि हत्या में शामिल अन्य साथियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

नाले में कंबल में लिपटा मिला था शव, पहचान न होने से बना ब्लाइंड मर्डर

शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे खंदौली थाना क्षेत्र के गांव सौरई के पास यमुना एक्सप्रेसवे किनारे एक नाले में कंबल में लिपटी युवती की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव की स्थिति देखकर स्पष्ट था कि युवती की हत्या कर शव को यहां फेंका गया है। शव की पहचान न होने और घटनास्थल से कोई प्रत्यक्ष सुराग न मिलने के कारण मामला पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर बन गया था। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम की मदद से मौके से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

पोस्टमार्टम में खुलासा, गला घोंटकर की गई थी हत्या

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती की मौत का कारण गला घोंटना सामने आया। शरीर पर संघर्ष के निशान भी मिले, जिससे यह साफ हो गया कि युवती ने अंतिम समय में विरोध किया था। इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल पर जांच को तेज कर दिया।

एआई और एफआरएस से हुई शिनाख्त, तकनीक बनी पुलिस का हथियार

शव की पहचान के लिए आगरा पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। खून से सने चेहरे की तस्वीर को एआई की मदद से डिजिटल रूप से साफ किया गया। इसके बाद फेस रिकग्निशन सिस्टम के जरिए तस्वीर को पुलिस डेटाबेस और इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स से मिलाया गया। इसके साथ ही युवती की फोटो को पुलिस के विभिन्न सोशल मीडिया नेटवर्क और ग्रुपों में साझा किया गया। कुछ ही समय में युवती की पहचान सोनाली के रूप में हो गई। पहचान होते ही पुलिस सोनाली के परिजनों तक पहुंची और पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं।

तीन साल पहले बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गया था सनी

सोमवार को सोनाली की मां, बहन भारती और जीजा संत कुमार खंदौली थाने पहुंचे और लिखित तहरीर दी। परिजनों ने बताया कि सोनाली चार बहनों में तीसरे नंबर की थी। उससे बड़ी बहनें आरती और रोशनी हैं, जबकि भारती सबसे छोटी है। चारों बहनों की शादी हो चुकी है। सोनाली की शादी महोबा जिले के पनवाड़ी क्षेत्र के हैवतपुरा गांव में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद सनी उसके संपर्क में आया। करीब तीन वर्ष पहले सनी, जो पेशे से सफाई कर्मी है, सोनाली को बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गया। उस समय सोनाली के स्वजनों ने सनी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था।

दिल्ली में देह व्यापार से जुड़ा आरोपी, शादी से किया इनकार

पुलिस जांच में सामने आया कि दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में रहते हुए सनी देह व्यापार से जुड़ गया था। इस दौरान उसने सोनाली से शादी करने से साफ इनकार कर दिया और उस पर अवैध धंधे में शामिल होने का दबाव बनाने लगा। सोनाली ने इसका लगातार विरोध किया। इसी विरोध के चलते दोनों के बीच विवाद बढ़ता चला गया। पुलिस के अनुसार, सोनाली के विरोध को खत्म करने के लिए सनी ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।

जहांगीरपुरी में गला दबाकर हत्या, फिर शव ठिकाने लगाने की योजना

आरोप है कि दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में सनी ने अपने साथियों और परिजनों के साथ मिलकर सोनाली की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई। पहले शव को किसी नदी में फेंकने की तैयारी थी, लेकिन दिल्ली में जगह-जगह चेकिंग और पुलिस सक्रियता के कारण आरोपी घबरा गए। इसके बाद उन्होंने यमुना एक्सप्रेसवे का रास्ता चुना।

थार कार से शव लेकर निकले, सुबह होने पर नाले में फेंका

हत्या के बाद सनी अपने दो साथियों के साथ थार कार में शव रखकर दिल्ली से निकला। रातभर वे नदी की तलाश में घूमते रहे। सुबह होने से पहले पकड़े जाने के डर से उन्होंने खंदौली क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे किनारे नाले में शव फेंक दिया और वापस लौट गए। पुलिस ने टोल प्लाजा रिकॉर्ड, सीसीटीवी कैमरों और एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों की मदद से थार कार की मूवमेंट की पुष्टि की है। पूछताछ में आरोपी ने खुद कार का नंबर भी बताया है।

आरोपी बदलता रहा बयान, पुलिस को गुमराह करने की कोशिश

पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी सनी लगातार बयान बदलता रहा। पहले उसने हत्या में दो दोस्तों के शामिल होने की बात कही, फिर अपनी मां और सौतेले पिता की भूमिका उजागर की। पुलिस ने सनी, उसकी मां रंजना और सौतेले पिता प्रदीप के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश, षड्यंत्र और साक्ष्य नष्ट करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

डीसीपी पश्चिम आदित्य सिंह का बयान

डीसीपी पश्चिम आदित्य सिंह ने बताया कि यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर था। एआई और फेस रिकग्निशन सिस्टम की मदद से मृतका की पहचान की गई। तकनीकी साक्ष्य, साइबर सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द और खुलासे हो सकते हैं। आगरा कमिश्नरेट पुलिस अब अपराधों के खुलासे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को प्रभावी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। ट्रैफिक प्रबंधन, कानून व्यवस्था और बड़े आयोजनों के साथ-साथ अब गंभीर अपराधों की जांच में भी एआई आधारित तकनीक और आधुनिक सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जा रहा है। पुलिसकर्मियों को इसके लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

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