आगरा लाईव। मोबाइल गेम की लत एक बार फिर भारी पड़ गई। जनपद के बरहन क्षेत्र में एक प्रोविजनल स्टोर संचालक के बैंक खाते से उसके बेटे ने ऑनलाइन गेम खेलते-खेलते करीब 4.25 लाख रुपये खर्च कर दिए। मामले की जानकारी होने पर व्यापारी के होश उड़ गए। उन्होंने बैंक और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है। जानकारी के अनुसार बरहन निवासी एक व्यापारी का बेटा पिछले कई महीनों से ‘फ्री फायर’ नामक मोबाइल गेम खेल रहा था। दिसंबर 2025 में गेम खेलते समय उसने एडवांस फीचर और विशेष हथियार लेने के लिए भुगतान विकल्प चुना। इसी दौरान व्यापारी के मोबाइल बैंकिंग खाते को ऑटो मोड पर गेम से लिंक कर दिया गया। इसके बाद हर बार गेम के दौरान भुगतान सीधे खाते से कटता रहा।
दिसंबर, जनवरी और फरवरी के बीच अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 4.25 लाख रुपये खाते से ट्रांसफर हो गए। व्यापारी को फरवरी के पहले सप्ताह में खाते की जांच के दौरान रकम कटने की जानकारी हुई। लगातार हो रही निकासी देख वह तुरंत बैंक पहुंचा। बैंक से विस्तृत विवरण लेने पर ऑनलाइन गेमिंग ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ। व्यापारी ने तत्पश्चात साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कई ऑनलाइन गेम कंपनियां एडवांस स्तर, स्किन, हथियार और अन्य सुविधाओं के लिए इन-ऐप परचेज का विकल्प देती हैं। एक बार भुगतान के लिए खाता ऑटो मोड पर कनेक्ट हो जाए तो बार-बार अनुमति के बिना भी राशि कटती रहती है। इसके लिए मोबाइल पर मैसेज भी आता है, जिसे अनदेखा करने पर नुकसान बढ़ सकता है।
पुलिस ने अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों को मोबाइल और बैंकिंग ऐप्स की खुली पहुंच देना जोखिम भरा साबित हो सकता है। अभिभावक समय-समय पर बैंक स्टेटमेंट की जांच करें और किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। गौरतलब है कि ऑनलाइन गेमिंग की लत पहले भी कई परिवारों के लिए त्रासदी बन चुकी है। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखें और बैंक खातों को सुरक्षित रखने के लिए ऑटो डेबिट या ऑटो पे विकल्पों की नियमित समीक्षा करें।

