दिनदहाड़े ठप्पेबाज़ी, महिला से 10 हजार नकदी और सोने के कुंडल छीने, इलाके में दहशत

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जितेन्द्र कुशवाह की रिपोर्ट

आगरा। खंदौली कस्बा सोमवार शाम उस समय हड़कंप में आ गया, जब दिनदहाड़े बाइक सवार दो शातिर ठगों ने बैंक से घर लौट रही एक महिला को अपना शिकार बना लिया। थाना खंदौली क्षेत्र के पलटू की प्याऊ निवासी 54 वर्षीय अंजू शर्मा पत्नी स्वर्गीय अनिल शर्मा बैंक से घर लौट रही थीं, तभी बदमाशों ने उन्हें रोककर डराते-धमकाते हुए 10 हजार नकद और कानों के सोने के कुंडल उतरवा लिए और फरार हो गए। पीड़िता के अनुसार वह पंजाब नेशनल बैंक में 10 हजार जमा करने आई थीं। बैंक में सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद किसी कारणवश पैसा जमा नहीं हो सका और बैंक कर्मियों ने अगले दिन आने की सलाह दी। इसके बाद अंजू शर्मा पैदल ही घर के लिए निकल पड़ीं। जैसे ही वह आगरा–हाथरस मार्ग पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप पहुंचीं, वहां पहले से खड़ी बाइक पर सवार दो युवकों ने उन्हें रोक लिया और वारदात को अंजाम दे दिया।

घटना के बाद घबराई महिला किसी तरह घर पहुंचीं और परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिजन महिला के साथ घटनास्थल पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना खंदौली पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ करते हुए जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी एत्मादपुर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों को जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस सूत्रों के अनुसार आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पीड़िता ने थाने में लिखित तहरीर भी दी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े हुई इस ठप्पेबाज़ी की घटना ने पूरे इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है। बैंक से लौट रही सामान्य महिला को निशाना बनाकर नकदी और जेवर लूटना इस बात का संकेत है कि अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने यह भी बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। दो दिन पहले जलेसर रोड स्थित झरना नाले के पास एक युवती बेहोशी की हालत में मिली थी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच जरूर की, लेकिन उस मामले की सच्चाई आज तक सार्वजनिक नहीं हुई और धीरे-धीरे मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

लोगों का आरोप है कि खंदौली में सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित रह गई है। कई बार पुलिस की मौजूदगी के बावजूद अपराधी बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। आम नागरिकों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में त्वरित और ठोस कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस घटना ने खंदौली की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब कस्बे के लोग यह पूछने लगे हैं कि 112 जैसी आपातकालीन सेवाएं वास्तव में जनता की सुरक्षा के लिए हैं या फिर सिर्फ नाम भर की रह गई हैं।

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