आगरा लाईव न्यूज। सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और जनहानि को न्यूनतम स्तर तक लाने के उद्देश्य से कमिश्नरेट आगरा में संचालित Zero Fatality District (ZFD) अभियान के तहत लगातार ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए जा रहे हैं। आज दिनांक 17 दिसंबर 2025 को पुलिस आयुक्त, आगरा एवं अपर पुलिस आयुक्त के निर्देशन तथा पुलिस उपायुक्त, यातायात श्री सोनम कुमार के पर्यवेक्षण में क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों द्वारा दुर्घटना संभावित मार्गों और क्रिटिकल क्रैश

लोकेशन पर व्यापक सड़क सुरक्षा सुधार कार्य किए गए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु और गंभीर चोटों को रोकना है। इसके लिए मानव त्रुटि और सड़क इंजीनियरिंग से जुड़ी कमियों को चिन्हित कर उनका स्थायी समाधान किया जा रहा है। क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों द्वारा शहर के उन स्थानों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जहाँ पूर्व में बार-बार दुर्घटनाएँ घटित होती रही हैं।

अभियान के अंतर्गत सबसे पहले पैदल यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दुर्घटना संवेदनशील क्षेत्रों में जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण किया गया है। चिह्नित और स्पष्ट जेब्रा क्रॉसिंग से अब पैदल यात्रियों को सुरक्षित रूप से सड़क पार करने की सुविधा मिल रही है। इससे वाहन चालकों को भी पैदल यात्रियों के अधिकारों का स्पष्ट संकेत मिलता है, जिससे सड़क पर अनुशासन बढ़ा है और टकराव की संभावनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है।

इसके साथ ही दुर्घटना का बड़ा कारण बन रहे अनाधिकृत कटों को बंद करने की कार्रवाई भी तेज़ी से की गई है। ऐसे कट, जहाँ से वाहन चालक अचानक मुख्य मार्ग पर प्रवेश या निकास करते थे, अक्सर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनते थे। इन्हें बंद किए जाने के बाद अब यातायात केवल निर्धारित और सुरक्षित मार्गों से संचालित हो रहा है, जिससे ट्रैफिक अधिक नियंत्रित और सुव्यवस्थित हुआ है।

सड़क सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए साइन बोर्ड एवं चेतावनी संकेतों की स्थापना भी की गई है। गति सीमा, मोड़, पैदल मार्ग, स्कूल और बाजार क्षेत्र से संबंधित चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे वाहन चालक पहले से सतर्क होकर गति नियंत्रित कर सकें। इन संकेतों के माध्यम से यातायात नियमों के पालन में भी वृद्धि देखी जा रही है। दुर्घटनाओं के विश्लेषण के आधार पर यह पाया गया कि कई स्थानों पर सड़क इंजीनियरिंग में खामियाँ भी हादसों का कारण बन रही थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए सड़क इंजीनियरिंग एवं प्रणालीगत सुधार किए गए हैं। सुरक्षित लेन मार्किंग, स्पष्ट रोड डिवाइडर, गति अवरोधक, बेहतर दृश्यता और सड़क डिजाइन में तर्कसंगत बदलाव किए गए हैं, जिससे वाहन नियंत्रण बेहतर हुआ है और अनियोजित ओवरटेकिंग व अचानक मोड़ों से होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आई है।

कोहरे और कम दृश्यता की स्थिति में होने वाले हादसों को रोकने के लिए रिफ्लेक्टिव टेप लगाने का कार्य भी किया जा रहा है। वाहनों, डिवाइडरों, विद्युत पोलों और साइन पोलों पर उच्च गुणवत्ता वाले रिफ्लेक्टिव टेप लगाए गए हैं, जिससे रात्रि और कोहरे के समय सड़क संरचनाएँ दूर से ही स्पष्ट दिखाई देने लगती हैं। इससे वाहन चालकों को समय रहते दिशा और संभावित बाधाओं की पहचान करने में सहायता मिल रही है और टकराव की आशंका कम हो रही है।

Zero Fatality District अभियान सड़क सुरक्षा के पाँच प्रमुख स्तंभों सड़क इंजीनियरिंग, प्रभावी प्रवर्तन, त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया, जनजागरूकता एवं शिक्षा तथा सुरक्षित पर्यावरण पर आधारित है। इन सभी पहलुओं पर एक साथ कार्य करते हुए कमिश्नरेट आगरा का लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को न्यूनतम करते हुए अंततः शून्य स्तर तक पहुँचाना है। प्रशासन का मानना है कि इन निरंतर और समन्वित प्रयासों से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि आम नागरिकों को सुरक्षित, व्यवस्थित और भरोसेमंद यातायात व्यवस्था का अनुभव भी मिलेगा।

