क्रिसमस–न्यू ईयर अलर्ट के बीच लुटेरों की बेखौफ वारदात, एत्माद्दौला में व्यापारी से चार लाख की चांदी और स्कूटी लूटी

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आगरा लाईव न्यूज। आगरा में क्रिसमस और नववर्ष को लेकर पुलिस के अलर्ट और चाक-चौबंद सुरक्षा दावों के बीच बदमाशों ने एक बार फिर पुलिसिंग को खुली चुनौती दे दी। एत्माद्दौला थाना क्षेत्र में गुरुवार रात दो बाइकों पर सवार होकर आए चार लुटेरों ने तमंचे के बल पर सराफा व्यापारी से चांदी का स्क्रैप और स्कूटी लूट ली। वारदात थाना से महज दो सौ मीटर की दूरी पर अंजाम दी गई, जिससे पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

छत्ता क्षेत्र के बेगम ड्योढ़ी निवासी मोहसिन सराफा व्यापारियों से चांदी का स्क्रैप खरीदने का काम करते हैं। बुधवार को उन्होंने कोतवाली क्षेत्र के सराफा बाजार से चांदी का स्क्रैप खरीदा था, जिसे ट्रांस यमुना के शाहदरा चुंगी स्थित राजू प्रजापति के गलाने के कारखाने पर भेजा गया। वहां स्क्रैप से धातुएं अलग करने की प्रक्रिया के बाद गुरुवार रात मोहसिन अपने साथी फरहान के साथ स्कूटी से करीब 50 किलो चांदी स्क्रैप दो बोरियों में लेकर लौट रहे थे। स्क्रैप को आगे अंतिम प्रक्रिया से गुजरना था।

पीड़ित के मुताबिक कारखाने से निकलते ही बदमाशों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया था। बुलेट और अपाचे बाइक पर सवार चार युवक एत्माद्दौला थाना क्षेत्र में पहुंचते ही सक्रिय हो गए। रात करीब 7:45 बजे उन्होंने स्कूटी को रोक लिया, गाली-गलौज करते हुए मोहसिन और फरहान के साथ मारपीट की और तमंचा दिखाकर लूट की कोशिश की। स्कूटी पर रखे चांदी स्क्रैप का वजन अधिक होने के कारण बदमाश उसे उठा नहीं सके, जिसके बाद वे स्कूटी ही लूटकर फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही थाना पुलिस के साथ एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कराई। पीड़ित ने बताया कि लूटे गए माल में करीब दो किलो तैयार चांदी भी शामिल थी और कुल कीमत चार से साढ़े चार लाख रुपये के आसपास है। वहीं पुलिस का आकलन लूटे गए चांदी की कीमत करीब दो लाख रुपये के आसपास बता रहा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और कुछ संदिग्धों को चिह्नित किए जाने का दावा किया जा रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आगरा में क्रिसमस और नववर्ष को लेकर पुलिस हाई अलर्ट पर होने का दावा कर रही है, तब थाना के इतने पास इस तरह की सरेशाम लूट कैसे हो गई। बदमाशों की बेखौफी यह संकेत दे रही है कि अपराधी पुलिस की मौजूदगी से नहीं, बल्कि उसके दावों से डरते हैं। फिलहाल पुलिस जल्द खुलासे का भरोसा जता रही है, लेकिन इस वारदात ने एक बार फिर आगरा की कानून व्यवस्था और प्रभावी पुलिसिंग पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

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