भारत रत्न महामना पं. मदन मोहन मालवीय के संपूर्ण वाङ्मय का भव्य लोकार्पण, भारतीय बौद्धिक परंपरा का ऐतिहासिक क्षण

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अमिताभ गुप्ता की रिपोर्ट

आगरा लाईव न्यूज। नई दिल्ली भारतीय राष्ट्रचेतना, शिक्षा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के अमर प्रवक्ता भारत रत्न महामना पं. मदन मोहन मालवीय के संपूर्ण वाङ्मय का लोकार्पण गुरुवार, 25 दिसंबर 2025 को भारत मंडपम, नई दिल्ली के ऑडिटोरियम-1 में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। महामना मालवीय मिशन और भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह आयोजन भारतीय सांस्कृतिक और बौद्धिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय सिद्ध हुआ। अंतिम श्रृंखला के 12 खंडों के प्रकाशन के साथ यह वाङ्मय परियोजना पूर्ण हुई।

कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, लोकसभा सांसद और संसदीय स्थायी समिति (कोयला, खान एवं इस्पात) के अध्यक्ष अनुराग सिंह ठाकुर, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, पद्म भूषण राम बहादुर राय (अध्यक्ष इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र) तथा प्रकाशन विभाग के प्रमुख महानिदेशक भूपेंद्र केथेला की विशिष्ट उपस्थिति रही।

इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप भी प्राप्त हुआ। विदेशों से महामना मालवीय मिशन के पदाधिकारी और प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए। साथ ही विभिन्न रियासतों और राजपरिवारों से जुड़े प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने समारोह को ऐतिहासिक गरिमा प्रदान की। सभी ने महामना मालवीय के विचारों के संरक्षण, प्रचार-प्रसार और वाङ्मय प्रकाशन में मिशन के योगदान की सराहना की। आगरा संभाग से महामना मालवीय मिशन के महासचिव राकेश शुक्ला ने कार्यक्रम में सहभागिता कर संभाग का प्रतिनिधित्व किया। उनके साथ आगरा संभाग के अध्यक्ष हृदेश यादव, श्रीकृष्ण गौतम, प्रो. मिथिलेश सिंह, आरती शर्मा, सुरेश तिवारी, मुकेश सिंह, रुद्र प्रताप सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

अपने उद्बोधनों में वक्ताओं ने महामना मालवीय के जीवन को राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता, नैतिकता और शिक्षा के आदर्शों का प्रतीक बताया। राम बहादुर राय ने पूना पैक्ट का विशेष उल्लेख करते हुए महामना की भूमिका को सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता के संदर्भ में रेखांकित किया। समारोह के उपरांत उपराष्ट्रपति सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों के साथ महामना मालवीय मिशन की वाङ्मय समिति के पदाधिकारियों का सामूहिक फोटोग्राफ सत्र आयोजित किया गया, जिसमें आगरा संभाग के महासचिव राकेश शुक्ला भी शामिल रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि महामना पं. मदन मोहन मालवीय का यह संपूर्ण वाङ्मय विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। यह संग्रह न केवल अध्ययन-अध्यापन का महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ है, बल्कि भारतीय शिक्षा, विचार और शोध परंपरा में मील का पत्थर बनकर आने वाली पीढ़ियों को दिशा प्रदान करेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता महामना मालवीय मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिशंकर सिंह ने की। राष्ट्रीय महामंत्री वेद प्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में मिशन की वाङ्मय समिति और संगठन के पदाधिकारियों ने इस दीर्घकालिक और महत्वपूर्ण कार्य को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाई।

स्वागत संबोधन में हरिशंकर सिंह ने मंचासीन अतिथियों, विद्वानों, सहयोगकर्ताओं और देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। समारोह में मिशन के संरक्षक प्रभुनारायण श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष दिनकर सिंह सहित गोविंद राम अग्रवाल, रोहित सिन्हा, अनिमेष सक्सेना, विजय तिवारी, अर्चना गुप्ता, सी. बी. त्रिपाठी, गुलाब शुक्ला, शरद श्रीवास्तव, ब्रजेश श्रीवास्तव, प्रकाश गौतम सहित देशभर की विभिन्न शाखाओं से आए शिक्षाविद, कुलपति, चिंतक और समाजसेवी उपस्थित रहे। महामना मालवीय मिशन द्वारा किया गया यह वाङ्मय-प्रकाशन कार्य भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और पुनर्पाठ की दिशा में एक दूरदर्शी और कालजयी प्रयास के रूप में स्मरणीय रहेगा।

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