आगरा लाईव न्यूज। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने और यातायात व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में आगरा पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। 29 दिसंबर 2025 को पुलिस लाइन स्थित प्रशांत मेमोरियल हॉल में फर्स्ट ऐड ट्रेनिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता पुलिस उपायुक्त यातायात सोनम कुमार ने की, जबकि सहायक पुलिस आयुक्त यातायात राम प्रवेश गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कमिश्नरेट आगरा की क्रिटिकल कॉरिडोर टीम के सदस्यों को आपात स्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्राथमिक उपचार के लिए प्रशिक्षित करना था, ताकि सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित यातायात संचालन सुनिश्चित किया जा सके। कार्यशाला में आगरा कमिश्नरेट के 14 थानों की 17 टीमों ने प्रतिभाग किया और Zero Fatality District (ZFD) की अवधारणा को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त किया।यह कार्यशाला डीजी परिपत्र संख्या 42/25 के अनुपालन में आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन SACTEM संस्था के तत्वावधान में किया गया, जिसमें डॉ. सी. पी. गौतम और उनकी टीम ने प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार की बारीकियां सिखाईं।प्रशिक्षण के दौरान सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में सीपीआर, डूबने की स्थिति, जलने जैसी गंभीर परिस्थितियों में तत्काल फर्स्ट ऐड देने की वैज्ञानिक और व्यावहारिक जानकारी दी गई। वहीं SACTEM संस्था के डॉ. लोकेन्द्र गुप्ता ने प्रतिभागियों को त्वरित निर्णय लेने, जीवन रक्षक तकनीकों और सुरक्षित प्राथमिक उपचार के आधुनिक तरीकों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यशाला से पूर्व प्रतिभागियों का प्री-टेस्ट और प्रशिक्षण के उपरांत पोस्ट-टेस्ट आयोजित कर उनके ज्ञान का मूल्यांकन किया गया। इसके साथ ही प्रतिभागियों को प्रशिक्षण मैन्युअल वितरित किए गए और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग के माध्यम से व्यावहारिक अभ्यास कराया गया, जिससे वे वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर ढंग से प्राथमिक उपचार प्रदान कर सकें। आगरा पुलिस द्वारा आयोजित इस कार्यशाला से जिले में सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और दुर्घटना पीड़ितों को समय पर जीवन रक्षक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

