आगरा लाईव न्यूज। अमेरिका से आई एनआरआई महिला से टैक्सी में हुई लूट के मामले में पुलिस ने 26 दिन बाद एक आरोपित को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर दिया है। हालांकि गिरफ्तारी ट्रांस यमुना थाना पुलिस नहीं, बल्कि खंदौली थाना पुलिस के हाथ लगी, जिसने आरोपी को एक अन्य महिला से लूट के मामले में पकड़कर जेल भेज दिया। पुलिस का दावा है कि यही बदमाश एनआरआई महिला से हुई लूट की वारदात में भी शामिल था। अब ट्रांस यमुना थाना पुलिस आरोपी को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर एनआरआई लूट कांड के संबंध में पूछताछ करेगी। घटना 4 दिसंबर 2025 की है। हाथरस निवासी कुमारी वर्मन, जो अमेरिका के कैलिफोर्निया में अपनी बेटी के साथ रहती हैं, भारत आई थीं। वे अपनी बहन के बेटे की शादी में शामिल होने के बाद वापसी के लिए आगरा के संजय प्लेस स्थित एक होटल से टैक्सी द्वारा दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट जा रही थीं। ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र के झरना नाला इलाके में स्कूटी सवार दो युवकों ने टैक्सी चालक को वाहन पंचर होने का इशारा किया। चालक के रुकते ही एक बदमाश ने मौका पाकर एनआरआई महिला की गोद में रखा बैग छीन लिया और फरार हो गया।
लूटे गए बैग में महिला का पासपोर्ट, अमेरिकी वीज़ा, लगभग चार हजार अमेरिकी डॉलर, करीब 20 हजार रुपये नकद, आईफोन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे थे। घटना के बाद महिला गहरे सदमे में आ गईं और पासपोर्ट लुट जाने के कारण वे अमेरिका वापस नहीं जा सकीं। बाद में डुप्लीकेट पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर 26 दिसंबर को वे अमेरिका लौट पाईं। इस मामले में ट्रांस यमुना थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने कई टीमें गठित कर आरोपितों की तलाश शुरू की, लेकिन लंबे समय तक कोई सुराग नहीं लग सका। इसी दौरान खंदौली थाना पुलिस ने तीन महीने पहले ऑटो सवार महिला से हुई लूट के एक मामले में कार्रवाई करते हुए सोमवार रात अतुल होम्स अस्पताल के पास चेकिंग के दौरान सोनू नामक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके पास से अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस, नकदी और एक पर्स बरामद हुआ। आरोपी को खंदौली थाने से संबंधित मुकदमे में न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपित सोनू, थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र की सब्जी मंडी का रहने वाला है और आदतन अपराधी है। पुलिस के अनुसार सोनू ने स्वीकार किया कि एनआरआई महिला से लूट की वारदात उसने अपने भाई मोनू और साथी बंटी के साथ मिलकर अंजाम दी थी। सोनू ने बताया कि वह और उसके साथी गाड़ियों का पीछा करते थे और पंचर या इंजन में तेल लीक होने का बहाना बनाकर वाहन रुकवाते थे। जैसे ही मौका मिलता, वे बैग या पर्स छीनकर फरार हो जाते थे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सोनू के खिलाफ पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। 20 सितंबर को उसने खंदौली क्षेत्र में ऑटो से जा रही आंवलखेड़ा निवासी सावित्री देवी से जेवरात और छह हजार रुपये लूटे थे। इस मामले में 22 सितंबर को पुलिस ने पर्दाफाश किया था। यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई मुठभेड़ में सोनू का साथी राकी उर्फ जितेंद्र घायल होकर गिरफ्तार हो गया था, जबकि सोनू पुलिस पर फायरिंग कर फरार हो गया था। उसी तमंचे से उसने पहले भी पुलिस पर गोली चलाई थी।
पुलिस का कहना है कि एनआरआई महिला से लूटे गए चार हजार अमेरिकी डॉलर, पासपोर्ट, आईफोन और अन्य दस्तावेज अभी बरामद नहीं हो सके हैं। ट्रांस यमुना थाना पुलिस आरोपी सोनू को रिमांड पर लेकर लूटे गए सामान की बरामदगी और फरार आरोपितों की तलाश करेगी। सोनू का एक साथी पहले ही जेल में है, जबकि दूसरा अभी फरार चल रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर एनआरआई लूट कांड में लूटे गए सामान की बरामदगी की जाएगी।

