आगरा लाईव न्यूज। पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली। दिनांक 26 एवं 27 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित आतंकवाद निरोधी सम्मेलन का उद्घाटन माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार द्वारा किया गया। इस सम्मेलन में देशभर की केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय आतंकवाद निरोधी एजेंसियों, जिनमें एनआईए भी शामिल रही, ने भाग लिया। सम्मेलन में विभिन्न एजेंसियों की उत्कृष्ट और प्रभावी कार्यवाहियों को Best Cases के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में ऑपरेशन मिशन अस्मिता के तहत आगरा पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई को भी प्रस्तुति हेतु चयनित किया गया। उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से आदित्य, अपर पुलिस उपायुक्त, नगर/कानून व्यवस्था द्वारा इस पूरे प्रकरण का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसे विशेष सराहना मिली।

मिशन शक्ति 5.0 के तहत महिला सुरक्षा को मिली मजबूती
महिला एवं बालिका सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत वर्ष 2025 में कमिश्नरेट आगरा के प्रत्येक थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए। इन केंद्रों में आवश्यक सूचनाओं के संकलन हेतु टैबलेट और रजिस्टर उपलब्ध कराए गए हैं तथा प्रत्येक केंद्र में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं, जिससे पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, साइबर सुरक्षा और आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई। इन प्रयासों से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। परिणामस्वरूप वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में महिला अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

अवैध धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़, 10 युवतियों का सकुशल रेस्क्यू, 14 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देशन में संचालित “मिशन अस्मिता” के अंतर्गत महिला सुरक्षा को लेकर आगरा पुलिस ने वर्ष 2025 में जिस गंभीरता, संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया, उसका एक बड़ा उदाहरण अवैध धर्मांतरण के एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश है। इस कार्रवाई में आगरा पुलिस ने न केवल 10 युवतियों को सकुशल मुक्त कराया, बल्कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े 14 आरोपियों को भी गिरफ्तार कर कानून के शिकंजे में लिया। थाना सदर क्षेत्र से दो युवतियों के गुम होने का मामला प्रारंभ में एक सामान्य गुमशुदगी जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन आगरा पुलिस ने इसे हल्के में लेने के बजाय गंभीरता से विवेचना शुरू की। परिजनों के पास युवतियों के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं थी। जांच के दौरान केवल इतना इनपुट मिला कि दोनों युवतियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम का प्रयोग करती थीं। इसी सीमित जानकारी के आधार पर तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल ट्रैकिंग और गोपनीय सूचनाओं के माध्यम से पुलिस ने पूरे मामले की परतें खोल दीं। जांच में सामने आया कि कुछ संगठित लोग युवतियों को प्रलोभन, मानसिक दबाव और अन्य माध्यमों से प्रभावित कर अवैध धर्मांतरण के प्रयास कर रहे थे। इसी क्रम में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए न सिर्फ आगरा की गुम हुई दोनों युवतियों को बरामद किया, बल्कि अन्य 08 युवतियों को भी रेस्क्यू किया। कुल 10 युवतियों को सुरक्षित निकालकर उनके परिजनों को सौंपा गया। इस कार्रवाई में कुल 14 अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर अवैध धर्मांतरण के इस रैकेट का पूरी तरह पर्दाफाश किया गया।

सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन में प्रभावी पहल
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार संचालित Zero Fatality Drive (ZFD) के अंतर्गत कमिश्नरेट आगरा पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को न्यूनतम करने के लिए व्यापक कदम उठाए। पुलिस आयुक्त आगरा श्री दीपक कुमार (IPS) के नेतृत्व में सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित की गईं। कमिश्नरेट में 17 क्रिटिकल कॉरिडोर टीमें गठित की गईं, जो नियमित रूप से दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर आवश्यक सुधार कार्य सुनिश्चित कर रही हैं। एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग और नगर निगम के सहयोग से अवैध कट बंद कराए गए, साइन बोर्ड लगाए गए और रोड इंजीनियरिंग में आवश्यक सुधार किए गए। वर्ष 2025 में स्टंटबाजी और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें 24,354 वाहनों के चालान, 727 वाहन सीज और 45 अभियोग दर्ज किए गए।

साइबर अपराधों पर सख्त नजर, डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता
वर्ष 2025 में आगरा पुलिस की साइबर सेल ने ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया धोखाधड़ी और डिजिटल फ्रॉड के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया। प्रत्येक थाने पर साइबर हेल्प डेस्क, एक समर्पित साइबर थाना और मुख्य साइबर सेल के माध्यम से तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर त्वरित कार्रवाई की गई। साथ ही छात्रों और आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए गए।

आधुनिक पुलिसिंग और आधारभूत संरचना का विस्तार
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के कुशल निर्देशन में वर्ष 2025 में थानों, चौकियों और कार्यालयों के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुए। सीसीटीवी, डिजिटल उपकरण और संचार संसाधनों की उपलब्धता से पुलिसिंग अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनी। पुलिस लाइन, साइबर क्राइम थाना, डायल-112 भवन, चौकियों और कार्यालयों का निर्माण व जीर्णोद्धार कराया गया। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मल्टीप्लैक्स भवन, प्रेक्षागृह, गेस्ट हाउस और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं।

पुलिस कल्याण और भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त रुख
पुलिसकर्मियों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए नियमित सैनिक सम्मेलन, स्वास्थ्य शिविर, प्रशिक्षण कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं भ्रष्टाचार के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हुए दोषी पाए गए 09 पुलिसकर्मियों को निलंबित, 03 को लाइन हाजिर और 20 मामलों में जांच प्रचलित की गई।
सम्मान और प्रोत्साहन से बढ़ा मनोबल
वर्ष 2025 में गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट, साहसिक और सराहनीय कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और पदक देकर सम्मानित किया गया। इससे न केवल पुलिस बल का मनोबल बढ़ा, बल्कि जनसेवा और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को भी बल मिला।


कुल मिलाकर, वर्ष 2025 में आगरा पुलिस ने महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, साइबर सुरक्षा और आधुनिक पुलिसिंग के क्षेत्र में जो ठोस और परिणामकारी कदम उठाए, वे यह स्पष्ट संदेश देते हैं कि “सुरक्षा से बढ़कर कोई सेवा नहीं”—और आगरा पुलिस इस संकल्प को पूरी निष्ठा के साथ निभा रही है।

