आगरा लाईव न्यूज। लखनऊ/आगरा। चोरी के एक मामले में कथित रूप से गुपचुप तरीके से एफआर लगाए जाने और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई न होने से नाराज महिला ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास के बाहर जमकर हंगामा किया। ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र की कालिंदी विहार कॉलोनी निवासी सरजू यादव ने आत्मदाह की चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई। सीएम आवास की ओर बढ़ते ही वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया, जिसके बाद महिला फूट-फूटकर रोने लगी और हंगामा करने लगी। सूचना मिलने पर आगरा कमिश्नरेट पुलिस हरकत में आई।

महिला पुलिसकर्मियों ने सरजू यादव को लखनऊ के गौतमपल्ली थाने पहुंचाया और आगरा पुलिस को सूचना दी। इसके बाद आगरा पुलिस की टीम शुक्रवार देर रात सरजू को लखनऊ से आगरा वापस लाई और स्वजन के सुपुर्द कर दिया। मामले में डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने जांच एडीसीपी क्राइम को सौंप दी है। सरजू यादव ने आरोप लगाया है कि ट्रांस यमुना थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष रोहित कुमार सहित चार दारोगाओं ने उसके साथ अभद्रता की थी। उसका कहना है कि शिकायत के बावजूद आज तक किसी भी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई नहीं हुई, जिससे वह मानसिक रूप से टूट चुकी है। इसी पीड़ा के चलते वह न्याय की उम्मीद में मुख्यमंत्री आवास तक पहुंची थी।
यह है पूरा मामला ट्रांस यमुना क्षेत्र निवासी प्रॉपर्टी डीलर त्रिभुवन सिंह यादव के घर 15 सितंबर 2024 को चोरी की घटना हुई थी। अगले दिन 16 सितंबर को ट्रांस यमुना थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया। सरजू यादव का आरोप है कि 19 अगस्त 2025 को जब वह थाने पहुंची तो उसे चोरी के मुकदमे में एफआर लगाए जाने की जानकारी दी गई। इस पर उसने आपत्ति जताई। महिला का आरोप है कि आपत्ति जताने पर थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसके साथ अभद्रता की और जब उसने इसका वीडियो बनाना शुरू किया तो उसके साथ मारपीट की गई। उस समय इस घटना से जुड़े तीन वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे। एक वीडियो में सरजू यादव ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया था। दूसरे वीडियो में महिला पुलिसकर्मियों को उसे खींचकर थाने के भीतर ले जाते हुए देखा गया था, जबकि तीसरे वीडियो में सरजू यादव और एक महिला दारोगा के बीच मारपीट होती नजर आई थी।
घटना के बाद पुलिस ने सरजू यादव के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई कर दी थी। वहीं डीसीपी सिटी ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए थे, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि पांच महीने बीतने के बावजूद जांच रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं हुई और न ही दोषी पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई की गई। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि महिला से उसकी शिकायत के संबंध में जानकारी ली गई है। उन्होंने यह भी कहा कि सरजू यादव के खिलाफ पहले ट्रांस यमुना थाने से शांतिभंग की कार्रवाई हो चुकी है। अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच एडीसीपी क्राइम द्वारा की जाएगी।

