सहकार भारती का 48वां स्थापना दिवस भव्य रूप से सम्पन्न, ‘संस्कारयुक्त सहकारिता’ का संकल्प दोहराया

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अमिताभ गुप्ता की रिपोर्ट

आगरा लाईव न्यूज। सहकार भारती का 48वां स्थापना दिवस आज आगरा मंडल कार्यालय, समृद्ध सागर अपार्टमेंट, न्यू आगरा में उत्साह, गरिमा और संगठनात्मक एकता के वातावरण में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सहकार भारती के संस्थापक स्वर्गीय लक्ष्मण राव इनामदार एवं भारत माता के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत सहकार गीत के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुई। कार्यक्रम की मुख्य अध्यक्षता सहकार भारती उत्तर प्रदेश के प्रदेश प्रशिक्षण प्रमुख प्रो. वेद प्रकाश त्रिपाठी ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि संस्कार, सहभागिता और स्वावलंबन पर आधारित एक व्यापक सामाजिक आंदोलन है। उन्होंने कहा कि “बिना संस्कार नहीं सहकार और बिना सहकार नहीं उद्धार” सहकार भारती का मूल मंत्र है, जो संगठन की वैचारिक दिशा और सामाजिक प्रतिबद्धता को स्पष्ट करता है।

कार्यक्रम का संचालन सहकार भारती आगरा मंडल के विभाग संयोजक राकेश शुक्ला ने किया। उन्होंने बताया कि सहकार भारती का स्थापना दिवस आज पूरे देश में एक साथ मनाया जा रहा है, जो संगठन की राष्ट्रव्यापी उपस्थिति और वैचारिक एकरूपता का प्रतीक है। उन्होंने सहकारिता के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सहकारिता किसानों, दुग्ध उत्पादकों, महिलाओं, युवाओं, छोटे व्यापारियों और कुटीर उद्योगों को संगठित कर आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने संगठन के विभिन्न प्रकोष्ठों की गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी भी दी तथा सभी अतिथियों और पदाधिकारियों का पटका पहनाकर व तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में दुग्ध प्रकोष्ठ प्रमुख अनिल सान्याल एवं देवेश वाजपेई उपस्थित रहे। दयालबाग एजुकेशनल इंस्टिट्यूट की प्रोफेसर डॉ. ज्योति गुप्ता, जिला शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह वर्मा, योग गुरु धर्मेंद्र सिंह तथा पियूष गुप्ता ने भी अपने विचार रखे और सहकारिता को सामाजिक व आर्थिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बताया। इस अवसर पर पर्यावरण प्रकोष्ठ प्रमुख आरती शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के सामूहिक संरक्षण पर जोर दिया, वहीं मुकेश सिंह जादौन ने सहकार भारती की विचारधारा, संगठनात्मक मजबूती और जनहितकारी कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में सह महिला प्रमुख करुणा नगर ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन जलपान उपरांत कल्याण मंत्र के साथ किया गया।

इस अवसर पर सहकार भारती के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से प्रो. वेद त्रिपाठी, राकेश शुक्ला, करुणा नगर, अनिल सान्याल, धर्मेंद्र सिंह वर्मा, अनुरुद्ध तिवारी, देवेश वाजपेई, प्रो. अमिता त्रिपाठी, आरती शर्मा, डॉ. ज्योति गुप्ता, दुर्गेश पाण्डेय, राखी कुशवाहा, रितेश गुप्ता, मोहिनी शर्मा, मुकेश सिंह जादौन, रुद्र प्रताप सिंह, शशिकांत पाठक, संध्या कुमारी, तारा सिंह, राजीव पाठक एवं जयपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे। अंत में सभी ने यह संकल्प दोहराया कि सहकार भारती संस्कारयुक्त सहकारिता के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के अपने लक्ष्य को निरंतर आगे बढ़ाती रहेगी।

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