होटल में गैंगवारः पार्टी के दौरान रंगबाज राज चौहान की गोलियों से हत्या, दोस्तों ने छोड़ा साथ—कानून-व्यवस्था पर फिर सवाल

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आगरा लाईव। ताजनगरी में अपराधियों के बीच वर्चस्व की जंग एक बार फिर खूनखराबे में बदल गई। ट्रांस यमुना क्षेत्र के कालिंदी विहार निवासी और मूल रूप से बेदई, सादाबाद का रहने वाला कुख्यात रंगबाज राज चौहान शुक्रवार देर रात होटल के कमरे में ताबड़तोड़ फायरिंग का शिकार हो गया। वारदात टेढ़ी बगिया क्षेत्र स्थित एसएन होम स्टे में हुई, जहां राज चौहान अपने दोस्तों के साथ शराब पार्टी कर रहा था। अचानक पहुंचे युवकों ने कमरे में घुसते ही गोलियां बरसा दीं। जान बचाने की कोशिश में राज चौहान कमरे से निकलकर गैलरी की ओर भागा, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर उसे कई गोलियां मार दीं। सीने में गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।घटना के बाद होटल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पार्टी में मौजूद दोस्त जान बचाकर भाग खड़े हुए। सूचना मिलते ही डीसीपी सिटी अली अब्बास समेत कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने होटल के कमरे से पांच खोखा कारतूस और शराब की खाली बोतलें बरामद कीं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में शराब के नशे में हुए विवाद की बात सामने आ रही है, लेकिन पुलिस इस हत्याकांड को दो गुटों के बीच चल रही पुरानी गैंगवार से जोड़कर देख रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुरुवार रात करीब 10 बजे छह युवक होटल पहुंचे थे। पहले कमरे के भीतर राज चौहान को निशाना बनाया गया, लेकिन वह बच निकला। इसके बाद हमलावर कमरे से बाहर आए और गैलरी में राज चौहान पर एक के बाद एक कई गोलियां चला दीं। राज चौहान को चार गोलियां लगीं, जिनमें सीने में लगी गोली जानलेवा साबित हुई। वारदात को अंजाम देकर हमलावर फरार हो गए।राज चौहान का आपराधिक इतिहास भी लंबा रहा है। वह हत्या के प्रयास के एक मामले में करीब एक साल जेल में रहा था और 2 दिसंबर 2025 को ही जेल से बाहर आया था। 9 मई 2024 को उस पर नगला रामबल निवासी प्रिंस उर्फ काले यादव को गोली मारने का आरोप लगा था। आरोप है कि गोली मारने के बाद राज चौहान अपने साथियों के साथ प्रिंस को बाइक पर बैठाकर सिकंदरा क्षेत्र में ले गया और उसके साथ मारपीट की। इसी मामले में उसे जेल भेजा गया था। बताया जाता है कि प्रिंस यादव दूसरे गुट से जुड़ा है और तभी से दोनों पक्षों के बीच रंजिश चल रही थी।

जेल से रिहा होने के बाद भी राज चौहान का दबदबा इलाके में बना रहा। दिसंबर 2025 में उसके समर्थकों ने न्यू आगरा क्षेत्र में जुलूस निकाला था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पुलिस ने इस पर सख्ती दिखाते हुए जुलूस निकालने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अब राज चौहान की हत्या के बाद उसी पुराने विवाद और गैंगवार की कड़ियां फिर से जुड़ती नजर आ रही हैं।पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि ट्रांस यमुना क्षेत्र में रंगबाजी, जमीन पर कब्जा, जुआ और सट्टेबाजी से जुड़े कई गैंग सक्रिय हैं। पिछले कुछ समय में राज चौहान तेजी से उभरा था और उसने अपना अलग गैंग खड़ा कर लिया था। इसी वर्चस्व की लड़ाई में दूसरे गुट से उसका टकराव बढ़ता चला गया, जो अंततः उसकी हत्या में बदल गया।

फिलहाल पुलिस होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। दो हमलावरों की पहचान पर फोकस किया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। डीसीपी सिटी अली अब्बास का कहना है कि यह सुनियोजित हत्या प्रतीत होती है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। होटल के भीतर खुलेआम हुई इस सनसनीखेज वारदात ने आगरा की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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