एक ही मोबाइल नंबर और फर्जी पते पर बने 24 पासपोर्ट, दिल्ली से गाजियाबाद तक फैला रैकेट बेनकाब, डाकिया भी निकला गिरोह का हिस्सा

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आगरा लाईव/गाजियाबाद। पासपोर्ट सिस्टम में बड़ी सेंध लगाते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसे फर्जीवाड़े का खुलासा किया है, जिसने पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया है कि दिल्ली के 24 लोगों ने एक ही मोबाइल नंबर और एक ही फर्जी पते का इस्तेमाल कर गाजियाबाद से पासपोर्ट बनवाए। हैरानी की बात यह है कि इन सभी पासपोर्टों की डिलीवरी में डाक विभाग का एक कर्मचारी भी शामिल था, जिसे प्रति पासपोर्ट दो हजार रुपये देने की डील तय की गई थी। इस पूरे मामले में एक महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विवेक और प्रकाश नाम के दो आरोपी इस फर्जीवाड़े के मुख्य कर्ताधर्ता बताए जा रहे हैं। ये दोनों दिल्ली में रहकर ऐसे लोगों को तलाशते थे, जिन्हें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाना था। गिरोह ने एक फर्जी पता और एक मोबाइल नंबर तय कर रखा था, जिसे सभी आवेदनों में इस्तेमाल किया जाता था। इसी पते पर वेरिफिकेशन दिखाकर पासपोर्ट प्रक्रिया पूरी कराई जाती थी।

जांच में यह भी सामने आया है कि गाजियाबाद क्षेत्र में तैनात डाकिया अरुण को गिरोह ने अपने साथ मिला लिया था। अरुण को प्रत्येक पासपोर्ट की सुरक्षित डिलीवरी के बदले दो हजार रुपये देने का लालच दिया गया था। अरुण सीधे विवेक और प्रकाश तक पासपोर्ट पहुंचाता था, जिससे असली लाभार्थियों तक दस्तावेज आसानी से पहुंच जाते थे। पुलिस को इस पूरे रैकेट की जानकारी तब मिली, जब एक ही मोबाइल नंबर और पते से लगातार पासपोर्ट आवेदनों का पैटर्न सामने आया। तकनीकी विश्लेषण और गोपनीय निगरानी के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सदस्यों को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अब तक 24 पासपोर्ट इसी तरीके से बनवाने की बात कबूल की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ दस्तावेजों के फर्जीवाड़े तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि इन पासपोर्टों का इस्तेमाल किसी बड़े आपराधिक या अवैध नेटवर्क में किया जा सकता था। फिलहाल पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन पासपोर्टों का उपयोग कहां-कहां किया गया। साथ ही, गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। प्रशासन ने पासपोर्ट वेरिफिकेशन और डिलीवरी प्रक्रिया को और सख्त करने के संकेत भी दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों पर रोक लगाई जा सके।

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