त्योहारों से पहले आगरा में अलर्ट मोड, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद : पुलिस आयुक्त, थानों पर FIR से इनकार नहीं, जीरो FIR तुरंत दर्ज करने के आदेश

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आगरा लाईव। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कमिश्नरेट आगरा में पाक्षिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त, समस्त पुलिस उपायुक्त, अपर पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी थाना प्रभारी शामिल हुए। बैठक में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, यातायात प्रबंधन, लंबित विवेचनाओं और जनसुनवाई से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की गई। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि थानों पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की एफआईआर अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए। किसी को भी अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल जीरो एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आईजीआरएस एवं जनसुनवाई से प्राप्त प्रार्थना-पत्रों की मौके पर जांच कर उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।

आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त और सघन चेकिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए। प्रमुख मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा गया। मिश्रित आबादी वाले और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से डिजिटल मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस आयुक्त ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों—दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, दुष्कर्म और मानव तस्करी—की शिकायतों पर तत्काल विधिक कार्रवाई की जाए। प्रत्येक मामले में पीड़िता की गोपनीयता, सुरक्षा और गरिमा का पूरा ध्यान रखा जाए। महिला थाना, महिला हेल्पलाइन (1090, 181, 112) और एंटी-रोमियो टीमों को और अधिक सक्रिय रखने तथा मिशन शक्ति 5.0 के तहत जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए। साइबर अपराधों जैसे ऑनलाइन ठगी, ब्लैकमेलिंग, फेक आईडी, साइबर बुलिंग और डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। सोशल मीडिया सेल को भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट पर तत्काल कार्रवाई और खंडन करने को कहा गया।

गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, गैंग पंजीकरण और धारा 14(1) के तहत संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। हिस्ट्रीशीटरों, पूर्व में जेल गए और जेल से रिहा हुए अपराधियों की दिन-रात निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। गुंडा एक्ट और धारा 110 (जी) के तहत निरोधात्मक कार्रवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। यातायात व्यवस्था को लेकर सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु को शून्य (जीरो फेटालिटी) करने के लक्ष्य के तहत तैयार कार्ययोजना को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा गया। मेट्रो निर्माण से प्रभावित क्षेत्रों में ट्रैफिक सिग्नल, बैरिकेडिंग, संकेतक बोर्ड और रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। निर्माण स्थलों के आसपास अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।

इसके साथ ही जुआ, सट्टा, मादक पदार्थ, अवैध शस्त्र, अवैध शराब और अवैध खनन के मामलों में तत्काल वैधानिक कार्रवाई करने, प्रतिबंधित चाइनीज मांझा की खरीद-बिक्री पर अभियान चलाने तथा रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक छोटी से छोटी घटना का संज्ञान लेकर तत्काल और उचित समाधान किया जाए, ताकि आमजन में सुरक्षा और विश्वास की भावना और मजबूत हो सके।

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