आगरा लाईव। दृढ़ इच्छाशक्ति, कड़ा अनुशासन और अदम्य साहस की मिसाल पेश करते हुए आगरा शहर की बेटी श्वेता पारस ने वाराणसी में आयोजित राज्य स्तरीय सब जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। चोटिल हाथ और लगातार इलाज के बावजूद श्वेता ने हिम्मत नहीं हारी और अपने जज्बे के बल पर यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। केदार पहलवान स्मृति सब जूनियर स्टेट चैंपियनशिप, वाराणसी में अंडर-17 वर्ग के 53 किलोग्राम भारवर्ग में श्वेता ने एक के बाद एक तीन मुकाबले जीतकर फाइनल तक का सफर तय किया। खास बात यह रही कि श्वेता का दाहिना हाथ पूरी तरह स्वस्थ नहीं था। दो माह पूर्व राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के दौरान उनकी कोहनी में गंभीर चोट लग गई थी, जिसके बाद से उनका इलाज चल रहा है। इसके बावजूद उन्होंने प्रतियोगिता से दूरी बनाने के बजाय मैदान में उतरकर अपने आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती का परिचय दिया।
कक्षा 11 की छात्रा श्वेता पारस वर्तमान में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) के रीजनल सेंटर, लखनऊ में कुश्ती का विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और अपने कठिन परिश्रम के बल पर उन्होंने दर्द को दरकिनार करते हुए मजबूत प्रतिद्वंद्वियों का सामना किया और दूसरा स्थान प्राप्त किया। उनका यह प्रदर्शन न सिर्फ उनकी तकनीकी क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सच्चा खिलाड़ी परिस्थितियों से नहीं, बल्कि अपने हौसले से पहचाना जाता है।
श्वेता की इस उपलब्धि पर आगरा के खेल जगत में खुशी की लहर है। प्रशिक्षकों, खेल प्रेमियों और शुभचिंतकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यदि यही लगन और समर्पण बना रहा तो आने वाले समय में श्वेता राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और शहर का नाम रोशन करेंगी। दर्द के बावजूद पदक तक का यह सफर श्वेता पारस के संघर्ष, साहस और सपनों की उड़ान की कहानी बन गया है।

