मथुरा में दिल दहला देने वाला हत्याकांड : पत्नी और तीन मासूम बच्चों की हत्या के बाद युवक ने की आत्महत्या, पुजारी से पूछताछ

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आगरा लाईव। मथुरा जनपद के महावन थाना क्षेत्र स्थित गांव खप्परपुर में मंगलवार सुबह ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां एक युवक ने पहले अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों की निर्मम हत्या की और फिर स्वयं करंट लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की खबर मिलते ही गांव में कोहराम मच गया और पुलिस प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बन गई। 35 वर्षीय मनीष कुमार गांव में खेती-किसानी और मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में 32 वर्षीय पत्नी सीमा, आठ वर्षीय बेटी हनी, छह वर्षीय प्रियांशी और दो वर्षीय बेटा पंकज शामिल थे। मंगलवार सुबह जब रोज की तरह बच्चे अपने ताऊ के घर नहीं पहुंचे तो परिजनों को चिंता हुई। काफी देर तक दरवाजा न खुलने पर भाई जयकिशन दीवार फांदकर घर के अंदर पहुंचे। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। जब दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। कमरे में पत्नी और तीनों बच्चों के शव पड़े थे, जबकि मनीष फ्रिज के पास हाथ में तार पकड़े मृत अवस्था में पड़ा मिला।

⚠️ प्लास्टिक की रस्सी से गला दबाया, पत्नी पर भारी वस्तु से वारप्रारंभिक

जांच में सामने आया कि बच्चों की हत्या प्लास्टिक की रस्सी से गला दबाकर की गई, जबकि पत्नी सीमा के सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार किया गया। इसके बाद मनीष ने बिजली का करंट लगाकर खुद की जान ले ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फारेंसिक टीम और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंच गए। पूरे घर को सील कर साक्ष्य जुटाए गए।

📹 48 सेकंड का वीडियो बना कर छोड़ा संदेश

मामले को और भी रहस्यमय बना रहा है मनीष द्वारा बनाया गया 48 सेकंड का वीडियो। मोबाइल फोन में रिकॉर्ड इस वीडियो में वह कह रहा है कि वह और उसकी पत्नी अपनी मर्जी से मर रहे हैं और किसी को परेशान न किया जाए। उसने यह भी कहा कि वह अपने दुखों से परेशान था, लेकिन उन दुखों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया। वीडियो में प्लॉट बिक्री से जुड़े 12 लाख 60 हजार रुपये का जिक्र करते हुए संबंधित व्यक्ति को निर्दोष बताया गया है।

📝 दीवार और कागज पर मिला सुसाइड नोट

घटनास्थल से पुलिस को एक छोटा सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें पांच पंक्तियां लिखी हैं और नीचे मनीष का नाम अंकित है। इसमें भी किसी को दोषी न ठहराने की बात कही गई है। इसके अलावा कमरे की दीवार पर भी इसी आशय की लिखावट पाई गई। पुलिस हस्तलेख का मिलान कर रही है।

👮‍♂️ पुजारी से पूछताछ, कई बिंदुओं पर जांच

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक पुजारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। बताया जा रहा है कि मनीष पिछले करीब तीन वर्षों से शाहपुर-हवेली स्थित एक आश्रम में नियमित रूप से जाता था और मंगलवार व शनिवार को वहां सेवा करता था। उसकी आस्था काफी गहरी बताई जा रही है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं मानसिक दबाव, धार्मिक प्रभाव या किसी प्रकार का आर्थिक विवाद तो कारण नहीं बना। एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ, एसएसपी श्लोक कुमार, डीएम सीपी सिंह और एसपी देहात सुरेश चंद रावत मौके पर पहुंचे और जांच की समीक्षा की। एसपी देहात ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आंतरिक कारणों से जुड़ा प्रतीत होता है, लेकिन सभी पहलुओं पर गहन जांच की जा रही है।

😢 सुबह बच्चों के न पहुंचने से खुला राज

परिजनों के अनुसार मनीष और उसके भाइयों के घर अलग-अलग थे, लेकिन आपसी संबंध बेहद मधुर थे। रोजाना सुबह बच्चे अपने ताऊ सुधीर के घर खेलने पहुंच जाते थे। मंगलवार को जब वे नहीं पहुंचे तो सुधीर के बेटे ऋषभ ने जाकर आवाज लगाई। कोई जवाब न मिलने पर उसने जंगले से झांक कर देखा तो भीतर का दृश्य देखकर उसकी चीख निकल गई। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया और घटना का खुलासा हुआ।

🚨 पोस्टमार्टम पैनल से कराया गया, गांव में मातम

एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने चिकित्सीय पैनल और वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई है ताकि किसी भी तथ्य को नजर अंदाज न किया जा सके। फारेंसिक टीम द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। आखिर वह कौन सा दुख था, जिसे मनीष ने अपने वीडियो में तो स्वीकार किया, लेकिन खुलकर बताया नहीं — यह सवाल पूरे गांव और पुलिस प्रशासन के सामने खड़ा है। फिलहाल पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है और परिजनों तथा ग्रामीणों से भी पूछताछ जारी है। घटना ने क्षेत्र में दहशत और गहरा शोक छोड़ दिया है।

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