आगरा लाईव। सोमवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब जवाहर पुल के पास यमुना नदी में बह रहे एक युवक को पुलिस और गोताखोरों की तत्परता से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। महज 30 मिनट के भीतर चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन ने एक जिंदगी को मौत के मुंह से वापस खींच लिया। घटना 23 फरवरी 2026 की रात करीब 10:35 बजे की है। चौकी रामबाग, थाना एत्माद्दौला की पुलिस टीम जवाहर पुल पर नियमित गश्त कर रही थी। इसी दौरान गेल गैस कर्मचारी धर्मवीर यादव गैसलाइन पाइप की रूटीन चेकिंग कर रहे थे। उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति यमुना में बह रहा है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तत्काल 112 पर सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र दूबे को अवगत कराया और गोताखोरों से संपर्क किया। बिना समय गंवाए थाना प्रभारी देवेंद्र दूबे और चौकी प्रभारी रामबाग अरुण बिलगैया जीवन रक्षक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे। गोताखोर सनी और सुरेंद्र के साथ संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। रात के अंधेरे और नदी की धारा के बीच चलाए गए इस अभियान में पुलिस और गोताखोरों ने समन्वय और साहस का परिचय दिया। सूचना मिलने के लगभग 30 मिनट के भीतर युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
रेस्क्यू किए गए युवक ने अपना नाम लाखन सिंह पुत्र स्वर्गीय भजनलाल, निवासी नगला नेहरा, थाना खंदौली, उम्र 37 वर्ष बताया। युवक के अनुसार वह नारायच श्मशान घाट पर आया था, जहां शराब के नशे में उसका पैर फिसल गया और वह यमुना में जा गिरा। पुलिस ने तत्काल प्राथमिक कार्रवाई करते हुए युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल आगरा भेजा और उसके परिजनों को सूचना दे दी। समय रहते मिली सूचना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। इस साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित किया कि सतर्कता और समन्वय से किसी भी अनहोनी को टाला जा सकता है।

