मथुरा/वृंदावन। धार्मिक नगरी वृंदावन में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां दो नाबालिग सगी बहनों के साथ अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑटो चालक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, पीड़ित पिता ने बताया कि उसकी 17 और 15 वर्षीय बेटियां 30 अप्रैल की सुबह करीब 10 बजे परिक्रमा मार्ग स्थित एक आश्रम में भोजन करने गई थीं, जिसके बाद वे अचानक लापता हो गईं। काफी तलाश के बाद भी कोई सुराग न मिलने पर एक मई को पिता ने वृंदावन थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच के दौरान सामने आया कि डैम्पियर नगर के नया नगला निवासी ऑटो चालक समीर ने दोनों बहनों को बहला-फुसलाकर अपने ऑटो में बैठाया और मथुरा ले जाने के बहाने शहर में घुमाता रहा। इसके बाद उसने धौली प्याऊ क्षेत्र स्थित एक होटल में काम करने वाले अपने परिचित शिवा को फोन कर कमरा बुक कराया। वहां पहुंचने पर शिवा ने अपने एक अन्य साथी कृष्णा को भी बुला लिया। आरोप है कि तीनों ने मिलकर दोनों नाबालिग बहनों के साथ दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़िताओं को मथुरा जंक्शन पर छोड़कर फरार हो गए।
घटना का एक और पहलू सामने आया है, जिसमें पता चला कि दोनों बहनें वृंदावन के मारुति नगर निवासी रूपेश के संपर्क में थीं। उसी के कहने पर वे दिल्ली जाने के लिए निकली थीं। हालांकि दिल्ली पहुंचने पर रूपेश के भाई को शक हुआ कि लड़कियां घर से भागकर आई हैं, जिसके बाद उसने उन्हें एक हजार रुपये देकर वापस वृंदावन भेज दिया। दो मई को घर लौटने के बाद दोनों बहनों ने अपने पिता को पूरी आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामला गंभीर हो गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सोमवार सुबह ऑटो चालक समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—समीर पुत्र अकबर निवासी नया नगला डैम्पियर नगर (उम्र 20 वर्ष), कृष्णा उर्फ काले पुत्र रामशरण मीणा (उम्र 19 वर्ष), शिवा पुत्र संजय निवासी मयूर विहार, धौली प्याऊ (उम्र 18 वर्ष)और रूपेश पुत्र जालिम निवासी मारुति नगर (उम्र 19 वर्ष)। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही पीड़िताओं का मेडिकल परीक्षण कराकर बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और विशेषकर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

