आगरा लाईव। थाना नाई की मंडी पुलिस टीम और सर्विलांस/एसओजी नगर जोन की संयुक्त कार्रवाई में एमजी रोड स्थित चिराग फुटवियर फर्म में हुई लाखों की चोरी की घटना का सफल अनावरण कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में चार अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से चोरी के 6 लाख 57 हजार 500 रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें और एक लोहे का सब्बल बरामद किया है, जबकि एक अभियुक्त अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, 2 फरवरी 2026 को दुकान मालिक ने थाना नाई की मंडी पर सूचना दी थी कि उनकी दुकान डाकरान, एमजी रोड पर स्थित है। 31 जनवरी की रात वह दुकान बंद कर घर चले गए थे। 2 फरवरी की सुबह जब दुकान खोली तो गल्ले के ताले टूटे मिले और छत का गेट भी क्षतिग्रस्त था। जांच करने पर पता चला कि चोरों ने गल्ले से लगभग 11 लाख रुपये चोरी कर लिए हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त नगर जोन आगरा के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन किया गया। टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद 6 फरवरी 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पचकुइया कब्रिस्तान के पास से चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में समीर पुत्र भूरा, इमरान पुत्र पवन खां, समीर पुत्र स्वर्गीय अल्लो और राहुल पुत्र मुनीराज शामिल हैं। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से चोरी की रकम में से 6,57,500 रुपये, घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें (टीवीएस राइडर और एचएफ डीलक्स) तथा अभियुक्तों की निशानदेही पर कब्रिस्तान की झाड़ियों से चोरी में इस्तेमाल किया गया लोहे का सब्बल बरामद किया।
पूछताछ में अभियुक्तों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार राहुल चिराग फुटवियर फर्म में कर्मचारी था और उसी ने अपने साथियों को दुकान के गल्ले में भारी रकम रखे होने की जानकारी दी थी। इसके बाद सभी अभियुक्तों ने मिलकर योजना बनाई और 31 जनवरी की रात पीछे बने मकान की दीवार के सहारे छत पर चढ़े। सब्बल से छत का गेट तोड़ा, सीढ़ियों से नीचे उतरकर कैमरे क्षतिग्रस्त किए और गल्ले का ताला तोड़कर करीब 9 लाख रुपये चोरी कर लिए। चोरी के दौरान राहुल छत पर खड़ा होकर निगरानी करता रहा। वारदात के बाद सभी आरोपी दो मोटरसाइकिलों से फरार हो गए।अभियुक्तों ने बताया कि चोरी की रकम में से 50-50 हजार रुपये उन्होंने उसी रात आपस में बांट लिए थे और शौक-मौज में खर्च कर दिए। बरामद रकम चोरी के उसी पैसों का शेष हिस्सा है, जिसे वे आपस में बांटने के लिए एकत्र हुए थे। गिरफ्तारी के दौरान एक अन्य अभियुक्त पवन पुत्र मुनीराज अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस का कहना है कि शेष रकम की बरामदगी और फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। चोरी की इस घटना के खुलासे से व्यापारियों में राहत की सांस ली है और पुलिस की कार्रवाई की सराहना की जा रही है।

