आगरा। ताजनगरी में दिल टूटने के बाद आत्महत्या का कदम उठाने जा रहे 17 वर्षीय किशोर की जिंदगी पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच गई। थाना जैतपुर क्षेत्र में देर रात हुई यह घटना न सिर्फ पुलिस की सतर्कता का उदाहरण है, बल्कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सिस्टम की प्रभावशीलता को भी उजागर करती है। जानकारी के अनुसार किशोर ने अपनी गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद मानसिक तनाव में आकर इंस्टाग्राम पर सुसाइड नोट पोस्ट कर दिया था। 3 मई की रात 1 बजकर 49 मिनट पर लखनऊ स्थित डीजीपी मुख्यालय के मीडिया सेल को ‘मेटा अलर्ट’ के माध्यम से इस खतरनाक पोस्ट की सूचना मिली। इसके बाद सोशल मीडिया सेल ने तत्काल लोकेशन ट्रेस कर सूचना कमिश्नरेट आगरा को दी।
सूचना मिलते ही थाना जैतपुर प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हो गई और महज 11 मिनट के भीतर किशोर के घर पहुंच गई। जब पुलिस ने कमरे का दरवाजा खोला, तो अंदर का दृश्य चौंकाने वाला था। किशोर के पास कीटनाशक की बोतल और रस्सी मौजूद थी और वह आत्महत्या करने की तैयारी में था। पुलिस ने बिना देर किए किशोर को सुरक्षित बाहर निकाला और मौके पर ही उसकी काउंसलिंग कर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद परिजनों को बुलाकर उसे मानसिक रूप से संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गई। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। किशोर के भाई रवि ने पुलिस की तत्परता के लिए आभार जताते हुए कहा कि यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती, तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे।
सहायक पुलिस आयुक्त सैंया एवं नोडल अधिकारी मीडिया सेल कमिश्नरेट आगरा डॉ. सुकन्या शर्मा ने बताया कि मेटा से मिले अलर्ट के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस को मौके पर भेजा गया, जिससे किशोर की जान बचाई जा सकी। यह घटना साफ दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया मिलकर किसी की जिंदगी बचाने में कितनी अहम भूमिका निभा सकती है।

