आगरा लाईव। थाना नाई की मंडी क्षेत्र में वर्ष 2016 में हुई जघन्य घटना में माननीय न्यायालय ने दोषियों को कड़ी सजा सुनाई है। वादी की भाभी से छेड़खानी करने, विरोध करने पर मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और पेट्रोल डालकर आग लगाकर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई है। यह निर्णय समाज में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। मामले के अनुसार, सुंदरपाड़ा गिहार बस्ती निवासी जीतू पुत्र विनोद कुमार ने 28 दिसंबर 2016 को थाना नाई की मंडी में तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया कि उसी दिन अभियुक्त अजय और गोपाल ने उसकी भाभी के साथ छत पर बुरी नीयत से छेड़खानी की। महिला द्वारा शोर मचाने पर जीतू मौके पर पहुंचा और विरोध किया, जिस पर अभियुक्तों ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
आरोप है कि इसके बाद अभियुक्तों ने जीतू के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।पुलिस टीम ने अभियुक्त अजय को 10 जनवरी 2017 तथा गोपाल को 3 फरवरी 2017 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। विवेचना के दौरान वादी, गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के कलमबद्ध बयान के आधार पर साक्ष्य संकलित किए गए। इसके बाद अभियुक्त गोपाल के विरुद्ध 17 मार्च 2017 और अभियुक्त अजय के विरुद्ध 24 अप्रैल 2017 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। पुलिस आयुक्त आगरा के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत इस मामले में लगातार प्रभावी पैरवी की गई। थाना नाई की मंडी पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन और मॉनीटरिंग सेल के संयुक्त प्रयास से गवाहों की सटीक और समयबद्ध गवाही न्यायालय के समक्ष कराई गई, जिससे दोषियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत हो सके।
माननीय एसीजेएम-12 न्यायालय, आगरा ने 6 फरवरी 2026 को फैसला सुनाते हुए अभियुक्त अजय पुत्र राजाराम उर्फ राजपाल को 4 वर्ष 6 माह के साधारण कारावास एवं 7,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया, जबकि अभियुक्त गोपाल पुत्र राजाराम उर्फ राजपाल को 7 वर्ष के साधारण कारावास एवं 7,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि यह सजा समाज में कानून का भय बनाए रखने और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक है। इस फैसले से न केवल पीड़ित को न्याय मिला है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि महिलाओं से छेड़छाड़ और हिंसक अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

