आगरा लाईव। थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में 23 जनवरी 2026 की रात युवक राज चौहान की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में आगरा पुलिस ने बुधवार को बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। पुलिस आयुक्त आगरा दीपक कुमार के निर्देशन और पुलिस उपायुक्त नगर सैय्यद अली अब्बास के नेतृत्व में चलाए जा रहे ताबड़तोड़ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।

पुलिस के अनुसार राज चौहान हत्याकांड के सफल और शीघ्र खुलासे के लिए कुल नौ टीमों का गठन किया गया था। गठित टीमों द्वारा मुख्य अभियुक्त अरबाज खान उर्फ मंसूरी निवासी खंदौली को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को घटना में प्रयुक्त तमंचे की बरामदगी के लिए पुलिस टीम साथ लेकर जा रही थी। इसी दौरान बुधवार को टेड़ी बगिया क्षेत्र स्थित कांशीराम आवास के पास आरोपी ने अचानक उपनिरीक्षक की सरकारी पिस्टल छीन ली और मौके से भागते हुए पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी।

आरोपी की फायरिंग में आरक्षी मनोज कुमार और उपनिरीक्षक ऋषि घायल हो गए। वहीं थाना ट्रांस यमुना के प्रभारी उपनिरीक्षक हरेन्द्र गुर्जर और कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक भानु प्रताप यादव की बुलेटप्रूफ जैकेट पर एक-एक गोली लगी, जिससे उनकी जान बच गई। पुलिस टीम ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरबाज खान के सीने के बाईं ओर और दाहिने पैर में गोली लगी।

गंभीर रूप से घायल आरोपी को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां से उसे एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। एसएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने अरबाज खान उर्फ मंसूरी को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल पुलिसकर्मियों को जिला अस्पताल आगरा में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है और स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अरबाज खान का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और वह कई मामलों में वांछित चल रहा था। राज चौहान हत्याकांड के बाद से ही पुलिस लगातार दबिश देकर आरोपियों की तलाश कर रही थी। इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है तथा शेष आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें सक्रिय हैं।

इस मुठभेड़ में शामिल पुलिस टीम में निरीक्षक भानु प्रताप यादव (थाना प्रभारी कोतवाली), उपनिरीक्षक हरेन्द्र गुर्जर (थाना प्रभारी ट्रांस यमुना), उपनिरीक्षक अंकित मलिक (थाना प्रभारी छत्ता), उपनिरीक्षक फारूख (थाना सदर), उपनिरीक्षक ऋषि, आरक्षी मनोज कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
आगरा पुलिस की इस कार्रवाई को राज चौहान हत्याकांड के खुलासे की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है और शहर में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस की सख्ती का स्पष्ट संदेश भी दिया गया।

