10 करोड़ की साइबर ठगी करने वाला गैंग ध्वस्त, चार शातिर गिरफ्तार, विदेशी आकाओं के इशारे पर चल रहा था साइबर ठगी नेटवर्क, 4 आरोपी दबोचे

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आगरा लाईव। थाना सिकंदरा, थाना साइबर क्राइम, साइबर सेल तथा साइबर सर्विलांस/काउंटर इंटेलिजेंस टीम की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने लगभग 10 करोड़ रुपये की साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टा कराने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सुनियोजित तरीके से लोगों को बहला-फुसलाकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और बाद में उन्हीं खातों का उपयोग साइबर ठगी व ऑनलाइन सट्टे की रकम के लेन-देन में करते थे। ठगी की रकम डेबिट कार्ड के माध्यम से एटीएम से निकालकर आपस में बांटी जाती थी।

पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के निर्देशन में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस के अनुसार 31 जनवरी 2026 को थाना सिकंदरा पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान साइबर क्राइम सेल व साइबर सर्विलांस काउंटर इंटेलिजेंस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि डिवीजन चौकी क्षेत्र के अशोक वेन्यू स्थित एक फ्लैट में कुछ युवक रहकर साइबर अपराध को अंजाम दे रहे हैं और रात्रि के समय आसपास के एटीएम से ठगी की रकम निकालते हैं।

सूचना पर तत्काल संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी और चार अभियुक्तों हिमांशु, आशीष, सूरज व रामू को मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में डिजिटल व बैंकिंग सामग्री बरामद हुई, जिसमें 72 डेबिट कार्ड, 18 सिम कार्ड, 14 मोबाइल फोन, 29 चेकबुक, 37 पासबुक, 2 लैपटॉप, 2 राउटर, 2 मुहर, 1 इंक पैड, 4 टाइपिंग नंबर प्लेट, 4 कूटरचित आधार कार्ड तथा 2 लाख 16 हजार रुपये नगद शामिल हैं। बरामद सामग्री की मात्रा को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि गिरोह लंबे समय से बड़े पैमाने पर साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। पुलिस द्वारा एनसीआरपी पोर्टल पर खातों की जांच किए जाने पर अब तक 31 शिकायतों का मिलान हो चुका है, जिनका संबंध इन अभियुक्तों से जुड़े खातों से पाया गया है।

पूछताछ में अभियुक्तों ने खुलासा किया कि वे मोनू पुत्र रामवीर निवासी बालचंदपुर, थाना मटसैना, जनपद फिरोजाबाद के साथ मिलकर साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टा खिलाने का काम करते थे। वे ग्रामीण व जरूरतमंद लोगों को लालच देकर उनके दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाते, एटीएम कार्ड व पासबुक अपने पास रख लेते और सिम कार्ड जारी कराकर उनका दुरुपयोग करते थे। ऑनलाइन सट्टा व साइबर ठगी से प्राप्त रकम का 40 प्रतिशत हिस्सा चारों आरोपी आपस में बांट लेते थे, जबकि शेष 60 प्रतिशत हिस्सा मुख्य आरोपी मोनू को दिया जाता था।

दस्तावेजों के विश्लेषण से अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े लेन-देन की पुष्टि हो चुकी है। गिरफ्तार अभियुक्तों में हिमांशु पुत्र मायराम निवासी ग्राम जमालपुर थाना मटसैना जनपद फिरोजाबाद, आशीष कुमार पुत्र विवेक कुमार निवासी एलान नगर थाना रसूलपुर जनपद फिरोजाबाद, सूरज पुत्र वरिंदर सिंह निवासी ग्राम हमीरपुरा थाना मटसैना जनपद फिरोजाबाद तथा रामू पुत्र निरंजन सिंह निवासी ग्राम श्यामू थाना एकता आगरा शामिल हैं। मुख्य आरोपी मोनू पुत्र रामवीर निवासी बालचंदपुर थाना मटसैना जनपद फिरोजाबाद फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

एडीसीपी आदित्य ने बताया कि गिरोह का नेटवर्क काफी विस्तृत है और बरामद डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य पीड़ितों की पहचान की जा रही है। जल्द ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी कर इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।

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