आर्मी जवान की गोलियों से छलनी कर हत्या, मां से बोला बदमाश–तेरा शेर मार दिया; डेढ़ साल के बेटे ने दी मुखाग्नि

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आगरा/हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब सेना के जवान भी सुरक्षित नहीं रहे। सादाबाद क्षेत्र के गांव समदपुर निवासी भारतीय सेना के जवान अखिलेश सिंह (28) की गुरुवार शाम 10 गोलियां मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह वारदात जितनी निर्मम थी, उतनी ही दुस्साहसी भी, क्योंकि हत्या के करीब 20 मिनट बाद ही आठ हमलावर जवान के घर पहुंच गए और उसकी मां से कह दिया – “तेरा शेर हमने मार दिया है, जाकर उठा लाओ।” यह सुनते ही मां बेसुध होकर गिर पड़ीं। इतना ही नहीं, आरोपियों ने हथियार लहराते हुए गांव वालों को धमकाया कि कोई भी महिला के घर शव लेने नहीं जाएगा, वरना उसका भी वही हाल किया जाएगा। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

🟠 पूर्व नियोजित साजिश, एक दर्जन से अधिक हमलावर शामिल

परिजनों के अनुसार यह हत्या पूरी तरह पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थी। गुरुवार को अखिलेश सिंह हाथरस कोर्ट में हत्या के प्रयास के एक मामले की पेशी पर गए थे। लौटते समय वे अपने दोस्त की कार से आगरा जा रहे थे। जैसे ही कार चंद्रा फार्म हाउस के पास पहुंची, वहां गांव का परिचित श्यामवीर सिंह खड़ा दिखा। अखिलेश ने कार धीमी की, तभी एक थार गाड़ी ने ओवरटेक कर उनकी कार में टक्कर मार दी। इसके तुरंत बाद पीछे से एक इको कार, एक स्कॉर्पियो और एक बाइक पर सवार करीब 12-13 हमलावर मौके पर पहुंच गए और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जान बचाने के लिए अखिलेश कार से उतरकर भागे, लेकिन रमेश, जगवीर, अंकित, के.के. पंडित, भोला और 2-3 अज्ञात लोगों ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद विक्रम उर्फ विक्की, बॉबी उर्फ विशाल, हेमंत, राजा और गब्बर ने पिस्टल और तमंचों से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। अखिलेश के शरीर में 8 से 10 गोलियां लगीं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

🟡 वारदात के गवाह को भी धमकी

घटना को गांव के श्यामवीर सिंह ने अपनी आंखों से देखा। आरोपियों ने उसे भी धमकाया कि यदि उसने किसी को घटना के बारे में बताया तो उसके पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा।

🔵 शादी को लेकर बना था विवाद, ‘मूंछों की इज्जत’ में हत्या

अखिलेश सिंह ने तीन साल पहले मथुरा निवासी निधि नामक युवती से प्रेम विवाह किया था। परिजनों का कहना है कि अखिलेश ने शुरुआत में शादी से इनकार किया था, जिसके बाद युवती ने जहर खा लिया था। मजबूरी में अखिलेश को शादी करनी पड़ी। इस विवाह से उनका डेढ़ साल का बेटा है। युवती के मामा और उनके बेटे विक्रम इस शादी से बेहद नाराज थे और इसे अपनी “मूंछों की इज्जत” से जोड़कर देख रहे थे। बताया जा रहा है कि विक्रम के खिलाफ पहले से गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज है और वह क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है।

🟣 सेना में 2018 में भर्ती, आगरा कैंट में थे तैनात

अखिलेश सिंह वर्ष 2018 में भारतीय सेना की ईएमई कोर में ड्राइवर पद पर भर्ती हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग लेह-लद्दाख में रही, बाद में चंडीगढ़ और वर्तमान में आगरा कैंट में तैनाती थी। उनके पिता देवेंद्र सिंह रिटायर्ड सैनिक हैं। बड़ी बहन सेना में तैनात हैं और छोटी बहन दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं।

डेढ़ साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, गांव में मातम

शुक्रवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। पत्नी बदहवास हो गई और मां बार-बार बेसुध हो रही थीं। डेढ़ साल के मासूम बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर हर आंख नम हो गई।

🔴 13 नामजद, फिर भी एक भी गिरफ्तारी नहीं

अखिलेश की बहन डॉली कुमारी ने मामा ससुर सहित 13 लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है, लेकिन 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

🔥 एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग

मृतक के पिता देवेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि आरोपियों का एनकाउंटर कराया जाए और उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर 112 पुलिस की गाड़ियां लगातार गश्त करती हैं, लेकिन इतनी बड़ी वारदात के समय पुलिस कहीं नजर नहीं आई। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अपराधियों के हौसले किस कदर बढ़ चुके हैं। अब देखना यह है कि पुलिस और प्रशासन इस सनसनीखेज हत्याकांड में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है।

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