बालाजी ज्वैलर्स हत्याकांड के खुलासे और एनकाउंटर पर इंस्पेक्टर कुलदीप दीक्षित को डीजीपी का प्लेटिनम पदक, धर्मांतरण गैंग के खिलाफ कार्रवाई भी बनी मिसाल…
आगरा लाईव। 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आगरा कमिश्नरेट के लिए यह दिन गौरव और उपलब्धियों से भरा रहा। अपराध नियंत्रण, साहसिक अभियानों और उत्कृष्ट विवेचना के लिए आगरा कमिश्नरेट में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों पर पदकों की बरसात हुई। इस वर्ष कुल 22 पदक आगरा कमिश्नरेट की झोली में आए, जिससे पुलिस महकमे का मनोबल और ऊंचा हुआ।

आगरा में हुए चर्चित एनकाउंटर के लिए वर्तमान में गाजियाबाद कमिश्नरेट में तैनात इंस्पेक्टर कुलदीप दीक्षित को पुलिस महानिदेशक का प्लेटिनम पदक प्रदान किया गया है। यह एनकाउंटर सिकंदरा क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई बालाजी ज्वैलर्स के मालिक की लूट के दौरान हत्या के मामले से जुड़ा था। उस समय मैनपुरी में तैनात इंस्पेक्टर कुलदीप दीक्षित को इस जघन्य हत्याकांड के खुलासे के लिए आगरा संबद्ध किया गया था। उन्होंने अपनी टीम के साथ सटीक रणनीति बनाते हुए न केवल पूरे घटनाक्रम की परतें खोलीं, बल्कि एक बदमाश को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इस साहसिक कार्रवाई में शामिल अन्य पुलिस कर्मियों को डीजीपी के रजत पदक से सम्मानित किया गया।

इंस्पेक्टर कुलदीप दीक्षित ने अपने सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी पूरी एसओजी टीम, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन, सहयोगी जनता और पत्रकार बंधुओं के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि गाजियाबाद कमिश्नरेट में भी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ सेवा करते हुए इससे भी बेहतर परिणाम देने का प्रयास जारी रहेगा।पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि सदर क्षेत्र की दो सगी बहनों को धर्मांतरण गैंग के चंगुल से मुक्त कराने की कार्रवाई को भी राज्य स्तर पर खूब सराहना मिली है। इस मामले में आगरा पुलिस ने छह राज्यों में एक साथ दबिश देकर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूरे गैंग को जेल भेजा गया है और कई युवतियों को जबरन धर्मांतरण के जाल से बाहर निकालकर नया जीवन दिया गया। इस केस की विवेचना में एडीसीपी क्राइम हिमांशु गौरव की भूमिका बेहद अहम रही, जिसके लिए उन्हें गृह मंत्रालय द्वारा विशेष अभियान अन्वेषण एवं फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य का पदक प्रदान किया गया।

डीजीपी प्लेटिनम पदक पाने वालों में अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह और इंस्पेक्टर कुलदीप दीक्षित शामिल हैं। डीजीपी रजत पदक से एसीपी हरीपर्वत अक्षय महाडिक संजय, साइबर क्राइम थाने के उप निरीक्षक मनोज कुमार, अजय कुमार, ज्योति सिंह, सौरभ गौतम, पर्यटन थानाध्यक्ष योगेश कुमार, नाई की मंडी थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार, सैया थानाध्यक्ष गुरविंदर सिंह, थाना हरीपर्वत के अभिषेक कुमार, थाना ताजगंज के अमित धामा तथा बमरौली कटारा थाने के मुख्य आरक्षी आशुतोष सिंह को सम्मानित किया गया।

गृह मंत्रालय के उत्कृष्ट सेवा पदक से एडीसीपी क्राइम हिमांशु गौरव के साथ-साथ थाना प्रभारी अछनेरा देवेंद्र कुमार द्विवेदी, यातायात पुलिस के उप निरीक्षक अनिल कुमार, थाना ताजगंज के उप निरीक्षक ओपेंद्र कुमार, एसीपी कोतवाली कार्यालय के मुख्य आरक्षी संजय सिंह और विपिन कुमार को नवाजा गया।

डीजीपी उत्कृष्ट सेवा पदक थाना बासौनी के उप निरीक्षक बलवीर सिंह, पुलिस लाइन के मुख्य आरक्षी गिरेंद्र सिंह और वीरेंद्र सहाय को मिला। जिला जेल प्रशासन से जुड़े कर्मियों को भी गणतंत्र दिवस पर सम्मान मिला। जिला जेल के डिप्टी जेलर संदीप भास्कर को सिल्वर पदक, डिप्टी जेलर नवीन के.आर. यादव को प्रशंसा पत्र और हेड वार्डन सुनील सचान को सिल्वर पदक प्रदान किया गया। इसके अलावा ताजमहल परिसर में तैनात सीआईएसएफ के वरिष्ठ कमांडेंट वैभव कुमार दुबे को राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। दो दशकों की सेवा अवधि में उन्होंने जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक विभिन्न चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में तैनाती के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कुल मिलाकर गणतंत्र दिवस आगरा पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए सम्मान, गौरव और प्रेरणा का प्रतीक बनकर सामने आया, जहां जांबाज अधिकारियों और कर्मियों की मेहनत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।

